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ख़ुलासा: गौरी लंकेश की हत्या में दक्षिणपंथी संगठन सनातन संस्था से जुड़े 5 लोगों पर शक़

कुलदीप सिंह, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 6 , 2017 , 11:42 IST | बेंगलौर

पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड में जल्द ही पुलिस हत्यारों की पहचान उजागर कर सकती हैं। 5 सितंबर को हुई गौरी लंकेश की हत्या के सिलसिले में दक्षिणपंथी संगठन सनातन संस्था के 5 सदस्य शक के दायरे में है।

द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक सनातन संस्था से जुड़े पांच लोग की पहचान इस प्रकार है - 

प्रवीण लिमकर - 34 साल (कोल्हापुर) 

जयप्रकाश उर्फ अन्ना - 45 साल (मैंगलोर)

सारंग अकोलकर- 38 साल (पुणे) 

रूद्र पाटिल - 37 साल (सांगली) 

विनय पवार - 32 साल (सतारा) 

हत्याकांड की जांच कर रही कर्नाटक SIT इन पांचों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। सारंग अकोलकर,रूद्र पाटिल और विनय पवार का नाम इससे पहले साल 2013 में हुई नरेन्द्र दाभोलकर की हत्या के सिलसिले में भी सामने आ चुका है। इन्ही तीनों का नाम वामनेता गोविंद पनसारे की फरवरी 2015 में हुई हत्या और अगस्त 2015 में कन्नड लेखक एम.एम कलबुर्गी की हत्या में भी जांच के दायरे में था। गौरतलब है कि गौरी लंकेश की तरह इन सभी की हत्या का पैटर्न एक जैसा है। यानी हत्या का तरीका एक जैसा ही है। 

प्रवीण लिमकर और जयप्रकाश उर्फ अन्ना का 2009 में हुए मडगांव (गोवा) ब्लास्ट में भी संदिग्ध है। 

पांच संदिग्धों में से चार के खिलाफ इंटरपोल ने साल 2009 के मडगांव ब्लास्ट मामले में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया हुआ है। पांच सितंबर, 2017 को गौरी लंकेश की हत्या उनके बेंगलुरू स्थित निजी आवास के बाहर कर दी गई थी। हालांकि सनातन संस्था पहले ही गौरी लंकेश की हत्या में किसी भी प्रकार की भूमिका से साफ इंकार कर चुकी हैं। 

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आखिर है क्या सनातन संस्था?

सनातन संस्था की स्थापना पेशे से सम्मोहन चिकित्सक जयंत आठवले ने 1990 में की थी। संस्था की वेबसाइट व अन्य जगहों पर दी गयी जानकारी के अनुसार इसका उद्देश्य अध्यात्म का अध्ययन विज्ञान के रूप में करना है। इसके लिए ये संस्थान ‘सनातन प्रभात’ नाम का अख़बार, धार्मिक साहित्य का अलग-अलग भाषाओं में प्रकाशन, नियमित सत्संग मेले व भव्य हिन्दू धर्म जागृति परिषद जैसे उपक्रम चलाती है। इसी के साथ ही दिसम्बर 2008 से श्री शंकरा नाम के चैनल पर सनातन संस्था व हिन्दू जनजागृति समिति ने मिलकर धर्मसत्संग व धर्मशिक्षणवर्ग (धर्म के बारे में समाज में लोगों को जागृ‍त करना) नाम के दो कार्यक्रम प्रसारित करने शुरू किये। भारत के अनेक राज्यों और विदेशों में सनातन संस्था के केन्द्र हैं जो मासूम बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को हिन्दू धर्म के “विज्ञान” से परिचित करवाने, उन्हें संगठित करने व उनका धार्मिक “उन्नयन” करने का काम करते हैं। “हिन्दू राष्ट्र” की स्थापना करने को अपना ध्येय बताने वाली ये संस्था ये भी दावा करती है कि उनके साधकों पर किसी धर्म के मूल्य लादे नहीं जाते।

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