राजनीति

कार्ति की गिरफ्तारी पर भड़की कांग्रेस, कहा- हम डरने वाले नहीं, सच सामने लेकर आएंगे

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 28 , 2018 , 10:54 IST

पूर्व केंद्रीय वित्‍त मंत्री और वरिष्‍ठ कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सीबीआई ने बुधवार को चेन्‍नई से गिरफ्तार कर लिया। कार्ति की गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है।

मिली जानकारी के मुताबिक उन्हें सुबह 8 बजे गिरफ्तार किया गया है। कार्ती चिदंबरम के वकीलों ने उन्हें हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है। उन्हें लंदन से भारत लौटते ही सीबीआई ने अपनी हिरासत में लिया है।

कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'पी चिदंबरम और उनके परिवार के साथ की जा रही प्रतिशोध की कार्रवाई से कांग्रेस डरने वाली नहीं है। हम सत्य को सामने लेकर आएंगे।'

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि घोटाले और भ्रष्टाचार छुपाने का ये क्लासिक तरीका है। ये सरकार हर दिन एक्सपोज हो रही है, चाहे वो नीरव मोदी, मेहुल चोकी, डीडी ज्वैलर्स या रोटोमैक का मामला हो।

सुरजेवाला ने कहा कि पिछले 10 दिनों में हजारों करोड़ के घोटाले सामने आए हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक शब्द नहीं कहा है। पूरे मामले पर प्रधानमंत्री चुप्पी साधे रहे।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पी चिदंबरम के खिलाफ लगातार बदले की कार्रवाई कर रही है, लेकिन वो कांग्रेस को जनता के सामने सच्चाई लाने से रोक नहीं पाएगी।

कांग्रेसी नेता अशोक गहलोत ने कहा है कि कार्ति चिदंबरम को चेन्नई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है। जबकि वो नीरव मोदी की तरह भारत से भाग नहीं रहे थे. एयरपोर्ट से उनकी गिरफ्तारी मजाक है। वो सीबीआई और दूसरी एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे थे।

उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले 26 फरवरी को दिल्ली की एक अदालत ने कार्ति चिदंबरम के चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) एस भास्कररमन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। भास्कररमन को आईएनएक्स मीडिया से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया गया था।

जानिए, क्या है मामला-

यह मामला 2007 में पी. चिदंबरम के वित्त मंत्री रहने के दौरान आईएनएक्स मीडिया के 305 करोड़ रुपये विदेशी फंड हासिल करने से जुड़ा है। आरोप हैं कि फॉरेन इनवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) क्लीयरेंस हासिल करने में अनियमितता बरती गई। आरोप हैं कि कार्ति को इस मामले में 10 लाख रुपये मिले थे। इडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। सीबीआई 2006 में एयरसेल-मैक्सिस डील में FIPB क्लीयरेंस देने में अनियमितता के मामले की जांच कर रही है। कार्ति पर आरोप है कि उन्होंने कर संबंधी जांच से बचने के लिए पीटर और इंद्राणी मुखर्जी के स्वामित्व वाली मीडिया कंपनी आईएनएक्स से कथित तौर पर धन लिया था। वहीं, कार्ति और उनके पिता पी. चिदंबरम ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इंकार किया है।

उस समय पी. चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे। ईडी ने दावा किया था कि सीए भास्कररमन ‘‘गलत तरीके से अर्जित संपत्ति’’ के प्रबंधन में कार्ति की मदद कर रहे थे।