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गाड़ियों का प्रदूषण टेस्ट कराकर सर्टिफिकेट ले लीजिए! उसके बिना अब इंश्योरेंस नहीं होगा

गोपाल कृष्ण, संवाददाता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 10 , 2017 , 16:16 IST | नई दिल्ली

प्रदूषण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किये हैं। कोर्ट के दिशा निर्देश के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में एक महीने के अंदर सभी पेट्रोल पंप पर प्रदूषण जांच केंद्र बनाए जाए जो सुनिश्चित करें कि गाड़ियों से निकलने वाला धुँआ उत्सर्जन मानक के दायरे में हो, इन प्रदूषण जांच केंद्रों के काम की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। कोर्ट में पेश की गई ईपीसीए की रिपोर्ट में कहा गया था कि 96 प्रतिशत गाड़िया प्रदूषण जांच में पास हो जाती है।

सुप्रीम कोर्ट ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि बिना पीयूसी सर्टिफ़िकेट के किसी  भी वाहन का बीमा ना करें। कोर्ट ने केंद्र सरकार को देश भर में सभी वाहनों के डेटा बेस को तैयार करने को कहा है।इसके लिए सरकार को चार हफ्ते का वक्त दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट की नियुक्त कमेटी ईपीसीए ने दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कुछ सुझाव दिए थे। इन्हीं सुझावों को मानते हुए कोर्ट ने ये निर्देश जारी किए हैं।

पिछ्ली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एयर पॉल्यूशन का मामला बेहद गंभीर है। इसका समाधान तुरंत निकालना जरूरी है। इसे बरसों तक नहीं छोड़ा जा सकता, बल्कि तुरंत इससे निजात के लिए कदम उठाना जरूरी है। नियमों के पालन न होने और सिस्टम के अभाव के कारण एयर पल्यूशन की समस्या बनी हुई है।

कोर्ट ने कहा था कि इंश्योरेंस तो साल में एक बार होता है, लेकिन इस मामले में समस्या का जल्द समाधान चाहिए। अदालत ने सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार से कहा था कि वह बताएं कि दिल्ली में कितने पीयूसी सेंटर हैं। इस पर रंजीत कुमार ने कोर्ट को बताया कि 962 सेंटर हैं और हर तीन महीने में एक-एक सेंटर में करीब 5 हजार गाड़ियों की चेकिंग होती है।

उन्होंने कहा कि इनमें से 174 सेंटर को अनियमितता के मामले में नोटिस जारी किया गया है और 14 के लाइसेंस कैंसल किए गए हैं और 78 को चेतावनी दी गई है। साथ ही 75 के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं।


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