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क्या हार्ट अटैक आने से पहले किसी तनाव में थे दसारी नारायण राव?

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 31 , 2017 , 22:37 IST | नयी दिल्ली

तेलुगू फिल्मों के सुपरस्टार निर्देशक और पूर्व केन्द्रीय मंत्री दसारी नारायण राव अब हम सबके बीच में नहीं हैं। उनका योगदान जितना राजनीति में रहा है उससे कहीं ज्यादा उन्होंने फिल्मी जगत में योगदान दिया है। दसारी नारायण राव ने बॉलीवुड को 'आज का एमएलए', 'रामवतार', 'स्वर्ग-नरक' एवं 'ज्योति बने ज्वाला' जैसी यादगार फिल्में दीं। एक कलाकार के रूप में वह हस्ताक्षर हैं। उन्होंने नई प्रतिभाओं को सदैव प्रोत्साहित किया। कला जगत को उनकी कमी हमेशा खलेगी।

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इतना ही नहीं दसारी नारायण राव ने अनेक मधुर गीत भी दिए। फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में अधिकतम योगदान के लिए उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है। ऐसी शख्सियत का इस तरह गुमनामी में संसार छोड़कर चले जाना अत्यंत दुःखद है।

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पूर्व केन्द्रीय मंत्री दसारी नारायण राव का निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ। सवाल है कि  क्या वह तनाव में थे, किसी डिप्रेशन में थे? कहीं कोल ब्लॉक आवंटन मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर ही उनके तनाव का कारण तो नहीं थी? जिस व्यक्ति ने 250 से अधिक फिल्मों में योगदान दिया, 150 से अधिक फिल्में खुद निर्देशित कीं और दक्षिण से लेकर उत्तर भारत तक जिनकी फिल्में आज भी याद की जाती हैं, क्या वह 2.25 करोड़ रुपये की रिश्वत लेगा? क्या उन्हें किसी राजनीतिक साजिश का शिकार बनाया गया?

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दसारी नारायण राव के बारे में कहा जाता है कि वह देश के विकास के बारे में सकारात्मक सोच रखते थे और यही वजह थी कि उन्हें 2006 में कोयला राज्यमंत्री बनाया गया था ताकि बिजली की जरूरतें पूरी करने संबंधी फैसलों में वे अपना योगदान दे सकें। देश के प्रति उनकी निष्ठा व समर्पण और विकास को लेकर उनकी सोच ही उनकी दुश्मन बन गई और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया। क्या उनके निधन की एक वजह यह मुकदमा भी है? मुकदमे का तनाव कहीं जीवन के प्रति उनके मन में निराशा तो नहीं पैदा कर गया?

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