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1 घर 11 मौत: घर में लगे 11 पाइप में छिपा है तंत्र-मंत्र का रहस्य!

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 2 , 2018 , 14:37 IST

राजधानी दिल्ली के बुराड़ी के संत नगर इलाके में एक ही घर में 11 लोगों की मौत में बीतते वक्त के साथ कई ऐंगल सामने आ रहे हैं। परिवार की सामूहिक आत्महत्या ने देश भर में लोगों को सकते में डाल दिया है। वहीं, मामले की जांच में एक के बाद एक कई रहस्यमय बातें और सबूत भी मिल रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि परिवार ने पूरी तैयारी के साथ आत्महत्या की और शायद अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र जैसी चीजों पर बहुत अधिक यकीन करते थे।

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घर में लगे 11 पाइपों में छिपे हैं संकेत?

मृतकों के घर से मिले रजिस्टर में लिखी बातें तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास की ओर इशारा कर रही हैं। अब इसी क्रम में एक और ऐंगल सामने आ रहा है और वह ऐंगल है 'पाइप' ऐंगल। दरअसल, मृतकों के घर के बाहरी दीवार पर एक छोटे दायरे में 11 पाइप आसपास लगे हुए हैं। खास बात यह है कि इन पाइपों में 7 सीधे और 4 मुड़े हुए हैं। मरने वालों में 7 महिलाएं और 4 पुरुष हैं। कहा जा रहा है कि इन पाइपों का भी अंधविश्वास का कोई न कोई ऐंगल जरूर है क्योंकि इन पाइपों से पानी गिरने के कोई निशान नहीं है।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट - मौत की वजह लटकना

इस बीच 6 मृतकों का पोस्टमॉर्टम पूरा हो गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मौत का कारण लटकना बताया गया है। मृतकों के साथ किसी प्रकार की जोर-जबर्दस्ती की बात भी सामने नहीं आई है। मृतकों के घर से मिलो दो रजिस्टरों में लिखी बातें तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास की तरफ इशारा कर रही हैं।

डायरी के पन्नों में नजर आ रही है पूरी तैयारी

मृतकों के घर से मिली डायरी में इन मौतों के राज छिपे हुए हैं। डायरी में कुछ ऐसी रहस्यमय बातें लिखी हैं जो आपको चौंका सकती हैं। डायरी के एक पन्ने पर लिखा है, 'पट्टियां अच्छे से बांधनी है। शून्य के अलावा कुछ नहीं दिखना चाहिए। डायरी में इस क्रिया के लिए संकेत इस तरह से दिए गए हैं, 'सात दिन बाद पूजा लगातार करनी है। थोड़ी लगन और श्रद्धा से। कोई घर में आ जाए तो अगले दिन। गुरुवार या रविवार को चुनिए।

मृतकों के गले में चुन्नी, लिखे थे धार्मिक संदेश

मरने वालों में ज्यादातर के गले में चुन्नी बंधी हुई थी, जिनमें धार्मिक संदेश लिखे हुए थे। डायरी के पन्नों के साथ मृतकों की अंतिम स्थिति का मिलान किया जाए तो ऐसा लग रहा है कि शायद परिवार टोटकों में यकीन करता था। परिवार आर्थिक संकट या डिप्रेशन में था, अब तक इसके कोई संकेत नहीं मिले हैं।

 

 


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