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Step by Step स्‍कूल में फूड प्‍वाइजनिंग से 50 बच्‍चे बीमार, मजिस्ट्रेट को स्कूल में नहीं मिली एंट्री

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 6 , 2018 , 13:40 IST

नोएडा के सेक्टर 132 स्थित स्‍‍‍‍‍टेप बाय स्‍‍‍‍‍टेप स्‍कूल में फूड प्‍वाइजनिंग का मामला सामने आया है। स्‍कूल में जहरीला खाना खाकर 10 से 15 बच्‍चे बीमार हो गए। आनन-फानन में सभी को स्‍कूल प्रबंधन ने अपोलो और मैक्‍स अस्‍पताल के डॉक्‍टरों को स्‍कूल में ही बुलाकर बच्‍चों का इलाज कराया। इसके बाद स्‍कूल प्रबंधन मामले की लीपापोती में जुट गया। रात को मामले में गौतमबुद्ध नगर के सिटी मजिस्‍ट्रेट ने स्‍टेप बाय स्‍टेप स्‍कूल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

Step

एफआईआर में स्‍कूल पर सरकारी काम में बाधा डालने और खराब खाना परोसने की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. स्‍कूल प्रबंधन ने घटना के बाद पहले फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर को स्कूल में जाने से रोका। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट को भी रोका। दरअसल इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल में ही पकाया गया भोजन दिया जाता है और गुरुवार दोपहर में स्कूल में बना हुआ भोजन खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उन्हें काफी उल्टी हुई। मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अब स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बनाया है।

कड़ी कार्रवाई होगी

जिला प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और कड़ी कार्रवाई करने में जुटा हुआ है। डीएम बृजेश नारायण सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी एडमिट बच्चों की जानकारी जुटाए कि वे कहां और किस अस्पताल में भर्ती हैं, जिससे प्रशासन आवश्यक कार्रवाई कर सके। स्कूल प्रशासन और प्रबंधन ने पूरी तरह से असहयोग किया और घटना को छिपाने का भी पूरा प्रयास किया। स्‍कूल ने कुछ बीमार बच्‍चों को गुपचुप तरीके से जेपी अस्‍पताल में भर्ती कराया. कुछ बच्‍चे आईसीयू में भर्ती हैं।

डीएम के एंट्री पर स्कूल ने लगाई रोक

बता दें कि स्टेप बाय स्टेप स्कूल में फूड पाइज़निंग की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और नगर मजिस्ट्रेट नोएडा जब स्कूल पहुंचे तो स्कूल प्रबंधन के द्वारा उन्हें स्कूल में एंट्री नहीं दिया गया। इस घटना को लेकर जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर बीएन सिंह ने तत्काल गंभीरता से लेकर स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए और संबंधित स्कूल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी इस संबंध में सैंपलिंग के लिए पहुंचे तो उन्हें भी एक घंटा देरी से स्कूल के अंदर जाने दिया गया। जिलाधिकारी द्वारा इस घटना को तुरंत बहुत ही गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्कूल स्टेप बाय स्टेप के प्रबंधन तंत्र के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि जनपद में कोई कितना भी बड़ा संस्थान हो यदि उनके द्वारा सरकारी कार्य में किसी प्रकार की बाधा डाली जाएगी तो उनके विरुद्ध भी इसी प्रकार जिला प्रशासन की ओर से कार्यवाही की जाएगी।

बता दें कि हाल ही में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के स्कूलों पर नकेल कसने के लिए कड़े कानून बनाए हैं। जिसके तहत कोई भी स्कूल सालाना 7 फीसदी से ज्यादा एडमीशन फी नहीं बढ़ा सकती है। स्कूल एडमिशन के लिए मनमाना फी नहीं ले सकती है। फ़ैसला लिया गया है कि निजी स्कूल हर साल 7-8 फीसदी से ज़्यादा फीस नहीं बढ़ा सकते। साथ ही 12वीं तक एक ही बार एडमिशन फ़ीस ली जा सकेगी। विद्यालय के शुल्क लेने की प्रक्रिया पारदर्शी होगी और कोई भी स्कूल सिर्फ चार तरह से ही शुल्क ले सकेंगे, जिसमें विवरण पुस्तिका शुल्क, प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क और संयुक्त वार्षिक शुल्क शामिल है। 

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब स्कूल में सरकारी अधिकारियों के एंट्री पर स्कूल प्रशासन रोक लगा रखी है तो योगी सरकार के फरमान इन स्कूलों पर कितना असरदार होगा?

 


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