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पति ने पढ़ाई करने से रोका तो पत्नी ने दिया 'ट्रिपल तलाक', हौसले की हो रही तारीफ

अमितेष युवराज सिंह, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 17 , 2017 , 18:42 IST | कोलकाता

कोलकाता की एक मुस्लिम लड़की ने पढ़ाई के लिए मिसाल कायम करने वाला कदम उठाया है। इस लड़की ने अपने पति को सिर्फ इसलिए तीन तलाक दे दिया क्योंकि उसका पति उसे पढ़ाई करने से रोक रहा था। लड़की के इस काम से लोग हैरान हैं। लड़की का नाम मम्पी खातून है। खातून का कहना है कि वह अपनी जिंदगी की खुद मालिक है और उसे पाकिस्तान की मलाला युसुफज़ई जैसे ही अपना रास्ता चुनना होगा। कम उम्र में बड़ों जैसी बातें कर रही मम्पी का कहना है कि उन्हें अपने हर हक के लिए लड़ना पड़ेगा तभी जाकर कुछ हो पाएगा।

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मम्पी का घर कोलकाता से 55 किलोमीटर दूर मुलिकपुर मंदिर बाजार में है। मम्पी के घर वालों ने 2015 में उसकी शादी कर दी थी। मम्पी की जिस शख्स से शादी हुई थी वह एक चाय की दुकान चलाता है। मम्पी की जब शादी हुई तो वह नौवीं में पढ़ रही थी। उसके अपने घर वालों से अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए राजी कर लिया था लेकिन अब 10वीं के बाद उसके घर वाले आगे नहीं पढ़ने दे रहे थे। वह आगे पढ़ना चाहती है लेकिन उसके घर वाले उसे बाहर नहीं निकलने दे रहे। इस बात से परेशान होकर अपने पिता के घर आ गई। उसका पति जब यहां उसे लेने आया तो उसने उसके साथ जाने से मना कर दिया। उसने कहा कि वह अब कभी उसके (अपने पति के यहां) घर नहीं जाएगी। उसने अपने पति से चिल्लाकर तीन बार तलाक भी बोल दिया। अभी मप्मी की उम्र 16 साल है। 

अपने पति को तलाक देने बाद पिछले ही महीने मम्पी ने पास के कृष्णचंद्रपुर हाईस्कूल में एडमिशन कराया और दोबारा स्कूल जाने से बेहद खुश है। मम्पी की पढ़ाई में दिलचस्पी देख स्कूल के हेड मास्टर ने उसकी एडमिशन फीस और ट्यूशन फीस माफ कर दी है। मम्पी का कहना है कि उसने अपनी मर्जी के खिलाफ शादी करके बड़ी गलती कर दी थी।

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इस मामले पर एक मौलाना ने कहा है कि तीन बार तलाक बोलने का अधिकार केवल पुरुषों को है। महिलाएं अगर तीन बार तलाक बोलती हैं तो उसे नहीं माना जाएगा। इसके जवाब में एक पूर्व स्कूल टीचर हाजी काजी जलालुद्दीन का कहना है कि लोग सही जानकारी नहीं देते। इस्लाम में महिला और पुरुष दोनों को समान अधिकार प्राप्त है। महिलाओं को विषम परिस्थितियों में तलाक देने का अधिकार है।


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