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जिस फ्लाइट में होगा शहीद का शव उसमें रखना पड़ सकता है 30 सेकेंड का मौन

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 10 , 2017 , 14:55 IST | नई दिल्ली

शहीदों के सम्मान के लिए देश की एयरलाइंस नया कदम उठाने की तैयारी में है। अब अगर किसी भी विमान में शहीदों का शव ले जाया जाएगा तो उसमे 30 सेकंड का मौन रखा जाएगा। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने सुरक्षा बलों को इस प्रस्ताव पर सभी एयरलाइंस से उनकी टिप्पणी मांगी है, ऐसे में जिस तरह के संकेत आ रहे हैं उसके बाद माना जा रहा है कि जल्द ही इस मांग को स्वीकार कर लिया जाएगा और किसी भी विमान में शहीद का शव ले जाने पर उसमे 30 सेकंड का मौन रखना अनिवार्य हो सकता है।

डीजीसीए के एक सीनियर अधिकारी ने बताया, 'यह प्रस्ताव सुरक्षा बलों की तरफ से आया है। हमने इसे एयरलाइंस को आगे बढ़ा दिया है, ताकि वे इस पर राय दे सकें। इस पर फैसले से पहले एयरलाइंस को भरोसे में लेना होगा।' एविएशन रेगुलेटर ने यात्रियों के लिए ऐलान से जुड़े संभावित टेंपलेट भी आगे बढ़ाया है। इसमें शहीद सैनिकों का जिक्र करते हुए 'गर्व' और 'विशिष्ट' जैसे शब्द हैं। हालांकि, डीजीसीए के एक अधिकारी ने बताया कि नियामक ने स्क्रिप्ट तैयार नहीं की है।

डीजीसीए की तरफ से पेश टेंपलेट में कहा गया है, 'इस बात का ऐलान करते हुए हमें गर्व हो रहा है कि हमारी फ्लाइट में हमारे बीच आर्मी/नेवी/एयर फोर्स के एक बहादुर सिपाही का शव है। हमें आपसे दिवंगत आत्मा के लिए 30 सेकेंड का मौन रखने का अनुरोध करते हैं।' डीजीसीए के अधिकारी का कहना था, 'यह स्क्रिप्ट ड्राफ्ट के दौर में है और इसे अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। एयरलाइंस के सुझावों के आधार पर इसे फाइनल किया जाएगा।'

बहरहाल, हवाई नियामक के इस कदम से कुछ एक्सपर्ट्स अचरज में हैं। एविएशन एनालिस्ट और इंडिगो और एयर इंडिया में ऑपरेशंस के पूर्व हेड शक्ति लांबा ने कहा, 'शहीदों का शव कई साल से लाया जा रहा है और एयरलाइन समेत इस प्रक्रिया में शामिल हर कोई उनको सम्मान देता है।' उनका कहना था कि इस तरह के निर्देश एविएशन रेगुलेटर के बजाय सीधे सरकार की तरफ से आने चाहिए।

आपको बता दें कि मौजूदा नियमों के अनुसार जिस विमान में शहीद का शव ले जा रहा है उसका ऐलान नहीं किया जाता है, विमान में शहीद के शव को रखने और निकालने से पहले एक छोटा सा सम्मान कार्यक्रम किया जाता है।


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