राजनीति

हॉर्स ट्रेंडिंग के डर से बेंगलुरू के रिसॉर्ट में भेजे गए कांग्रेस के 44 विधायक

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 29 , 2017 , 12:01 IST | बेंगलुरू

गुजरात में पार्टी के छह विधायकों के बीजेपी में शामिल हो जाने से परेशान कांग्रेस ने अपने 44 विधायकों को बेंगलुरु भेज दिया है।

इन सभी को अहमदाबाद हवाई अड्डे से भेजा गया। इस मामले पर कांग्रेस विधायक शैलेश परमार ने कहा है कि भाजपा हमारे विधायकों को रुपयों का लालच दे रही है और ना मानने पर उन्हें धमकाया जा रहा है, फर्जी मुकदमों में फंसाने की कोशिश की जा रही है। इसी से बचने और भाजपा को अपने मंसूबों में कामयाब होने से रोकने के लिए हम 44 विधायक बेंगलुरू जा रहे हैं।

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है। उन्होंने यह दावा किया कि बीजेपी 8 अगस्त को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले विधायकों को खरीदने के लिए 10-10 करोड़ रुपये का ऑफर दे रही है।

बता दें कि शुक्रवार को कांग्रेस विधायक शैलेश परमार ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर पैसे देकर पार्टी तोड़ने का आरोप लगाया था। लगातार कांग्रेस के 6 विधायकों के इस्तीफे के बाद पार्टी को यह कदम उठाना पड़ा।

आठ अगस्‍त को गुजरात की तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने वाले हैं और पार्टी ने एक सीट पर अपने कद्दावर नेता अहमद पटेल को उम्मीदवार बनाया है । कांग्रेस से विधायकों के इस तरह इस्तीफे दिए जाने से अहमद पटेल के चुनाव जीतने की संभावनाएं कम होती जा रही हैं।

गुजरात के इस राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर राज्यसभा में शुक्रवार को कांग्रेस सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस ने राज्यसभा के चुनावों को प्रभावित करने की खातिर पार्टी के एक विधायक का अपहरण कर लिया है। गुजरात में अगले महीने राज्यसभा के लिए चुनाव होना है। कांग्रेस की ओर से अहमद पटेल उम्मीदवार हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी आठ अगस्त को होने वाले राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार हैं।

माना जा रहा है कि कांग्रेस विधायकों को तोड़कर भाजपा अहमद पटेल का खेल बिगाड़ना चाहती है। अहमद पटेल का राज्यसभा का तीसरा कार्यकाल अगस्त में खत्म हो रहा है।

आपको बता दें कि गुजरात के विधानसभा में कुल 182 सीट हैं, जिसमें से 121 बीजेपी और निर्दलीय विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 57 विधायक थे। एनसीपी के 2, जेडीयू और जीपीपी का एक-एक विधायक हैं। इस स्थिति में राज्यसभा की एक सीट के लिए कम से कम 46 वोट चाहिए होते हैं। लेकिन अब स्थिति बदली है, क्योंकि 6 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं तो कुल संख्या 176 हो गई है। इसलिए जीतने के लिए सिर्फ 45 वोट ही चाहिए।


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