बिज़नेस

नोटबदली का दिखा असर: 7.5% तक नहीं पहुंच पाएगी GDP ग्रोथ!

ललिता सेन, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
256
| अगस्त 11 , 2017 , 17:19 IST | नयी दिल्ली

संसद में शुक्रवार को मध्यावधि आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया गया। आर्थिक सर्वेक्षण 2016-17 के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में अनुमानित जीडीपी विकास दर का 6.75% से 7.5 % तक पहुंचना मुश्किल है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि सरकार की तरफ से अर्थव्यवस्था में बुनियादी आर्थिक सुधार के लिए कृषि ऋण माफी और वस्तु एवं सेवा कर को लागू करने से संबंधित शुरुआती चुनौतियों से निपटने के लिए यह कदम उठाए गए हैं।

आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि कमजोर आर्थिक वृद्धि के कारण रिजर्व बैंक की तरफ से मौद्रिक नीति को नरम करने की संभावना पर जोर दिया गया है।

बता दें कि गुरुवार को वित्त मंत्रालय की तरफ से संसद में पेश किए दस्तावेज में केंद्र सरकार का कुल खर्च वित्त वर्ष 2019-20 में बढ़कर 26 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचे का अनुमान है। वित्त मंत्रालय के दस्तावेज के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में इसके 21.46 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

Indian_GDP

वहीं, पेट्रोलियम सब्सिडी 2018-19 में घटकर 18,000 करोड़ रुपये और 2019-20 में 10,000 करोड़ रुपये पर आने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष में इसके 25,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

संसद में पेश मध्यावधि व्यय ढांचा विवरण 2017-18 में अनुमान लगाया गया है कि सरकार का पूंजीगत खर्च 2019-20 तक 25 फीसदी बढ़कर 3.9 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच जाएगा। इस बीच रक्षा बजट के पूंजीगत खर्ज में 22 फीसदी का इजाफा होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार का कुल व्यय 2017-18 के 21.46 लाख करोड़ रुपये से 2018-19 में 23.4 लाख करोड़ रुपये और 2019-20 में 25.95 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच जाने का अनुमान है।

समीक्षा कहती है कि कर-जीडीपी अनुपात 2018-19 और 2019-20 में 0.3 फीसदी बढ़ेगा। इसके 2018-19 में 11.6 फीसदी और 2019-20 में 11.9 फीसदी रहने का अनुमान है।

रक्षा क्षेत्र में कुल राजस्व खर्च (पेंशन को छोडकर) 2018-19 में 10.4 फीसदी बढ़ेगा और 2019-20 में यह 8.5 फीसदी बढ़ेगा। इससे रक्षा राजस्व खर्च 2018-19 में 2,01,511 करोड़ रुपये और 1019-20 में 2,18,629 करोड़ रुपये हो जायेगा।


कमेंट करें