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CAG का सुपरफास्ट चार्ज पर सवाल, कहा- 95 फीसदी तक लेट चलती हैं ट्रेनें

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 23 , 2017 , 18:40 IST | नई दिल्ली

सीएजी की रिपोर्ट ने एक चौका देने वाला खुलासा किया है। दरअसल, सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि रेलवे ने सुपर फास्ट स्पीड के नाम से यात्रियों से करोड़ों रुपये वसूले है मगर ये सुविधा उन्हें नहीं मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक नॉर्थ सेंट्रल रेलवे (NCR) और साउथ सेंट्र्ल रेलवे (SCR) ने सुपरफास्ट के नाम पर यात्रियों से 11.17 करोड़ रुपये वसूले, लेकिन उनकी कुछ सुपरफास्ट ट्रेनें 95% से ज्यादा बार लेट हुईं।

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रिपोर्ट में सामने आया कि रेलवे ने 2013-14 व 2015-16 में सुपरफास्ट सुविधा देने के नाम पर यात्रियों से अधिक पैसा वसूला है। रेलवे के मुताबिक, सुपरफास्ट सरचार्ज अलग-अलग क्लास के लिए अलग होता है। जानकारी के लिए बता दें कि, एसी 3 टीयर, प्रथम श्रेणी, एसी 2 और AC फर्स्ट/ एग्जीक्यूटिव क्लास के लिए क्रमश: 15 रुपये, 30 रुपये, 45 रुपये और 75 रुपये निर्धारित किया है। जो 1 अप्रैल 2013 से लागू हैं। यात्रा की दूरी कितनी भी हो सुपरफास्ट चार्ज प्रत्येक यात्रा के लिए लागू होते हैं।

सीएजी ने जब उत्तर मध्य और दक्षिण मध्य रेलवे में जांच की इनके डाटा का अध्ययन किया उसमें पता चला कि 21 सुपरफास्ट ट्रेनों अपने तय समय से 13.48 फीसदी और 95.17 फीसदी दिन देरी से पहुंची। सीएजी ने पाया कि 16804 ट्रेन अपने तय समय से गंतव्य स्टेशनों पर 5599 दिन देरी से पहुंची। इस दौरान ट्रेनों ने 3000 बार 55 किमी प्रति घंटा की औसत गति लिमिट पूरी नहीं की।

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इतना ही नहीं ट्रेन संख्या 12034 शताब्दी एक्सप्रेस 25 फीसदी देरी से चली। जबकि 22444 कानपुर बांद्रा एक्सप्रेस 24% बार देरी से चली थी। रिपोर्ट के मुताबिक 2015-16 की अवधि में 21 ट्रेनों ने सुपरफास्ट ट्रेन की आवश्यक स्पीड प्राप्त नहीं की थी, मगर यात्रियों से सुपरफास्ट का चार्ज वसूला था। इसके मुताबिक, 11.17 करोड़ रुपये की धनराशि इस दौरान सुपर फास्ट चार्ज के तौर पर वसूली गई।


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