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आधार की वजह से पकड़ में आए 80 हजार फर्जी शिक्षक: प्रकाश जावेड़कर

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 5 , 2018 , 22:33 IST

आधार आने के बाद देशभर की यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में 80 हजार फर्जी टीचर्स की पहचान की गई। मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा, "आधार के आने के बाद इन घोस्ट टीचर्स की पहचान की गई। हालांकि, इसमें से कोई भी सेंट्रल यूनिवर्सिटी का नहीं है।

घोस्ट टीचर्स की पहचान के बाद क्या

जावड़ेकर ने कहा, "निश्चित तौर पर घोस्ट टीचर्स फर्जी तरीकों का इस्तेमाल कर कई जगहों पर फुल टाइम टीचर्स बने हुए हैं। आधार के इंट्रोडक्शन के बाद ऐसे टीचर्स की पहचान हुई है। इनके खिलाफ एक्शन लेने पर विचार किया जा रहा है।

किन यूनिवर्सिटीज में मिले घोस्ट टीचर्स

जावड़ेकर ने कहा, "सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में घोस्ट टीचर्स नहीं मिले हैं। स्टेट यूनिवर्सिटी, प्राइवेट यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में घोस्ट टीचर्स मिले हैं।

आगे क्या कदम उठाएगी सरकार

मानव संसाधन मंत्रालय ने सभी यूनिवर्सिटीज को अपने सभी इम्प्लॉई और स्टूडेंट्स के आधार नंबर मांगने को कहा है, ताकि किसी तरह की डुप्लीकेसी ना हो पाए।

डाटा की सेफ्टी पर क्या कहा

जावड़ेकर से जब पूछा गया कि क्या डाटा लीकेज का डर नहीं है तो उन्होंने कहा, "आधार नंबर शेयर करना मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी शेयर करने जैसा नहीं है। अगर आप किसी को अपना मोबाइल नंबर देते हो तो इसका मतलब ये नहीं है कि वो आपके मैसेज भी देख लेगा। आधार इसी तरह काम करता है और ये सुरक्षित है।'

आधार से कितने लोग रजिस्टर्ड हुए

आधार के आर्किटेक्ट माने जाने वाले और वर्तमान में इन्‍फोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि 100 करोड़ से ज्यादा लोगों को आधार से जोड़ा जा चुका है। सरकार आधार की वजह से ही ऐसे मामलों की बेहतर निगरानी कर पा रही है।

किस तरह से फायदा पहुंचाया आधार ने

नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं कि आधार से सरकारी योजनाओं के लिंक होने से भ्रष्टाचार में कमी आई है।
पिछले दिनों नीलेकणी ने कहा था कि आधार ने सरकार को 58 हजार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और गैर जरूरी खर्चे से भी बचाया है, क्योंकि आधार की वजह से डुप्लीकेट और फर्जी लाभार्थियों को अलग किया जा सका है। करीब 50 करोड़ लोग हैं, जिन्होंने अपनी आईडी को सीधे बैंक खातों से लिंक करा लिया है।


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