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आधार के जरिए 80 हजार फर्जी शिक्षकों की पहचान हुई, प्रकाश जावडेकर ने किया खुलासा

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 6 , 2018 , 17:07 IST | नई दिल्ली

आधार नंबर अनिवार्य किए जाने के बाद उच्च शिक्षण संस्थानों को लेकर देशभर में किए गए सर्वे (AISHE) 2016-17 में 80 हजार से ज्यादा ऐसे टीचर्स का पता चला है, जो देश के तीन या इससे ज्यादा उच्च शिक्षण संस्थानों में फैकल्टी मेंबर थे।

हालांकि मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने यह स्पष्ट किया कि इनमें से कोई भी शिक्षक किसी केन्द्रीय विश्वविद्यालय से नहीं है।

प्रकाश जावडेकर ने एक कार्यक्रम में कहा कि कुछ ऐसे फर्जी शिक्षक हैं, जो छद्म (proxy) तरीका अपनाते हैं और कई जगहों पर पूर्णकालिक पढ़ा रहे हैं। आधार शुरू होने के बाद ऐसे 80 हजार शिक्षकों की पहचान हुई है और उनके खिलाफ कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी केन्द्रीय विश्विवद्यालय में फर्जी शिक्षकों की पहचान नहीं हुई है, लेकिन कुछ राज्य और निजी विश्वविद्यालयों में ऐसे शिक्षक हैं।

मंत्रालय ने सभी विश्वविद्यालयों से सभी कर्मचारियों और छात्रों से आधार नंबर मांगने के लिए कहा है, ताकि डुप्लीकेशन न हो। हालांकि आधार के डेटा लीक होने को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है।

रिपोर्ट में इस सेक्टर में ग्रोथ को भी रेखांकित किया गया है, कुल नामांकन अनुपात (GER) पांच साल पहले 21.5% की तुलना में अब 25.5% हो गया है। पिछले पांच वर्षों में मुस्लिमों और दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों का GER काफी स्लो रहा है। 2012-13 में 18-23 साल की उम्र के मुस्लिम युवाओं का GER 4.15% था, जो अब 2016-17 में 4.90% है। इसी प्रकार से दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों की GER ग्रोथ 0.33% ही रही है। 

सर्वे में बताया गया है कि पिछले पांच साल में उच्च शिक्षा में 18 से 23 साल के बीच के स्टूडेंट्स की तादाद 35 लाख बढ़ी है। हालांकि केवल लड़कियों के लिए कॉलेज 9.3% हैं। 10 राज्यों में 15 विमिन एक्सक्लूसिव यूनिवर्सिटीज हैं।

यही नहीं, पिछले पांच वर्षों में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की संख्या तेजी से बढ़ी है। प्राइवेट कॉलेजों की संख्या अधिक है। बेंगलुरु 1025 कॉलेजों के साथ सबसे बडे़ एजुकेशन हब के तौर पर उभरा है। दूसरे स्थान पर 635 के साथ जयपुर है और 487 कॉलेजों के साथ हैदराबाद तीसरे स्थान पर है। 

आधार डेटा लीक होने की मीडिया की खबरों के बीच इन 80 हजार शिक्षकों की पहचान होने की बात सामने आई है। गुरुवार को एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उसने 500 रुपये में करोड़ों आधार कार्ड की जानकारी हासिल की है।

अखबार ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया कि उसने एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए 500 रुपये में ये सर्विस खरीदी और करीब 100 करोड़ आधार कार्ड का एक्सेस मिल गया। हालांकि UIDAI ने आधार डेटा लीक होने की आशंका से इनकार किया है. UIDAI ने कहा कि रिपोर्ट में तत्थ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया. साथ ही भरोसा दिलाया कि आधार डिटेल सुरक्षित हैं।


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