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काबुल में पाकिस्तान ने कराए आतंकी हमले, दोनो देशों के बीच बातचीत बंद

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 31 , 2018 , 17:45 IST

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पिछले दिनों हुए आतंकी हमलों में पाकिस्तानी आतंकियों का हाथ होने के संकेत मिलते ही पाकिस्तान- अफगानिस्तान रिश्तों में बड़ी दरार आ गई है। 

अफगानिस्तान की न्यूज एजेंसी के मुताबिक, काबुल हमलों पर शोक जताने के लिए पाकिस्तान के पीएम शाहिद खकान अब्बासी ने जब अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी को फोन किया तो नाराज गनी ने उनसे फोन पर भी बातचीत से इनकार कर दिया। बता दें कि काबुल के इन दो हमलों में कुल मिलाकर 143 लोग मारे गए थे। अफगानिस्तान का दावा है कि ये हमले पाकिस्तान की फौज़ ने कराए और इसके सबूत भी पाकिस्तान को भेज दिए गए हैं।

पाकिस्तान से नाराज़ हैं अशरफ गनी 

अशरफ गनी द्वारा पाकिस्तान के पीएम से फोन पर बातचीत से इनकार किए जाने की खबर अफगानिस्तान की न्यूज एजेंसी टोलो ने दी है। 
खबर के मुताबिक, पाक पीएम अब्बासी ने पिछले दिनों अशरफ गनी को काबुल हमलों पर शोक जताने के लिए फोन किया। प्रोटोकॉल के तहत अब्बासी ने फोन करने से पहले अफगान प्रेसिडेंट के दफ्तर को एक पहले मैसेज भेजा। 
जैसे ही ये मैसेज गनी तक पहुंचा तो उन्होंने अब्बासी से बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया। आमतौर पर वर्ल्ड लीडर्स के बीच ऐसे वाकए होते नहीं हैं। लिहाजा, अफगान प्रेसिडेंट का यह कदम बताता है कि वो पाकिस्तान की हरकतों से कितने खफा हैं।

पाकिस्तान को सबूत भी भेजे

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अफगानिस्तान की जांच एजेंसियों को दोनोंं हमलों में पाकिस्तान आर्मी और आईएसआई के हाथ होने के अहम सबूत मिल गए हैं। 
अफगानिस्तान सरकार ने एक स्पेशल डेलिगेशन पाकिस्तान भेजा है। डेलिगेशन वो सबूत लेकर इस्लामाबाद पहुंच चुका है जिनसे ये साफ पता चलता है कि काबुल में हुए दो हमलों में पाकिस्तान आर्मी और आईएसआई का क्या रोल था।

पाकिस्तान की साजिश के सबूत कैसे मिले?

20 जनवरी को काबुल और अफगानिस्तान के सबसे बड़े होटल इंटरकॉन्टिनेंटल पर हमला हुआ। ज्यादातर विदेशियों समेत 40 लोग मारे गए। तालिबान के पांच आतंकियों ने इस होटल पर हमला किया था। ये सभी मारे गए थे। मारे गए आतंकियों में से एक के पिता को अफगान खुफिया एजेंसी ने गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ की। इसका नाम अब्दुल कहार है। 
कहार ने पूछताछ में बताया कि उनके बेटे को पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के चमन में ISI ने ट्रेनिंग दी थी। यूनाइनेड नेशंस में अफगानिस्तान के परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव महमूद सैकाल ने इसकी पुष्टि की। कहार ने पूछताछ में बताया कि होटल और इसके बाद काबुल के बाजार में एम्बुलेंस से हमले के पीछे भी पाकिस्तान का ही हाथ था। दोनों हमलों की साजिश पाकिस्तान के एक मदरसे में रची गई थी।


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