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50 करोड़ साल से दुनिया में मौजूद है एड्स वायरस- रिसर्च

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 11 , 2017 , 14:16 IST | लंदन

रेट्रोवायरस (एचआईवी) करीब 50 करोड़ साल पुराने हैं। यह पहले की अवधारणा से लाखों साल पुराने हैं। ऐसा ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का मानना है। रेट्रोवायरस विषाणुओं का एक प्रकार है, इसमें एचआईवी विषाणु भी शामिल है। एचआईवी विषाणु एड्स की महामारी के लिए जिम्मेदार है।

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नए शोध में पता चला है कि रेट्रोवायरस की उत्पत्ति समुद्री मूल से है। यह अपने जंतु पोषक के जरिए विकासपरक संक्रमण के लिए समुद्र से जमीन पर आए।


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अब तक यह माना जाता था कि रेट्रोवायरस नए हैं और इन्हें 10 करोड़ साल पुराना माना जाता था।

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग के डॉ. अरिस काटजोउराकिस ने कहा,

हमारा शोध बताता है कि रेट्रोवायरस कम से कम 45 करोड़ साल से ज्यादा पुराने है, यदि इतने पुराने नहीं तो पैलियोजोइक युग के शुरुआत में अपने कशेरुकी पोषकों के साथ उत्पन्न हुए होंगे।


रेट्रोवायरस जानवरों में कैंसर और प्रतिरोध संबंधी बीमारियां भी पैदा करता है।

विषाणु के रेट्रो भाग का नाम आरएनएस से बने होने से नाते लिया जाता है। यह पोषक जीनोम में प्रवेश करने के लिए डीएनए में परिवर्तित हो जाता है।

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