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हाफिज के साथ मंच साझा करने पर हुई फजीहत, फिलिस्तीन ने दी सफाई

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| दिसंबर 31 , 2017 , 11:18 IST

रावलपिंडी में मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के साथ मंच साझा करने पर भारत के कड़े विरोध के बाद फलस्तीन ने अपना राजदूत इस्लामाबाद से वापस बुलाने का फैसला किया है। भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अदनान अबू अल हायजा ने हाफिज के साथ फिलिस्तीनी राजदूत के मंच साझा करने पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ है। फिलिस्तीन ने कहा है कि वह इस घटना का संज्ञान लेगा।

हायजा ने कहा कि भारत और फिलिस्तीन के नजदीकी एवं मित्रतापूर्ण संबंधों को देखते हुए अली का कदम 'अस्वीकार्य' है। उन्होंने कहा कि अली को सामान बांधने और इस्लामाबाद छोड़ने के लिए कुछ दिनों का समय दिया गया है।

इसके साथ ही फिलिस्तान सरकार ने भारत में तैनात अपने राजदूत के जरिए पूरे मामले पर सफाई भी दी है।भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अदनान अबु अल हजा ने कहा है, 'हमारे राजदूत इस आदमी (हाफिज सईद) को नहीं जानते थे। जब उसने (हाफिज) बोलना शुरू किया तो राजदूत ने पूछा कि यह कौन है? हमारे राजदूत का भाषण उसके बाद था। हमारे राजदूत ने भाषण दिया और वहां से चले गए।' राजदूत हजा ने कहा कि इसके बावजूद हमारे लिए यह स्वीकार्य नहीं है और इसीलिए यह फैसला लिया गया।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जंग में हमारा देश भारत के साथ खड़ा है और इसीलिए हमारी सरकार ने अपने राजदूत को पाकिस्तान से वापस बुलाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि हाफिज सईद के साथ मंच साझा करने वाले प्रतिनिधि अब पाक में हमारे राजदूत बने नहीं रह सकते हैं।

पीएम की यात्रा पर हजा ने कहा कि पीएम मोदी फिलिस्तीन के महत्वपूर्ण अतिथि हैं और हम उनका वहां स्वागत करना चाहते हैं। मुझे उम्मीद है कि वह जल्द ही फिलिस्तीन की यात्रा करेंगे, हमें इसका बेसब्री से इंतजार है।

दरअसल, शुक्रवार को पाकिस्तान के रावलपिंडी में फिलिस्तीन के राजदूत वलीद अबु अली ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के साथ मंच साझा किया था। रावलपिंडी के लियाकत बाग में आयोजित विशाल रैली में हाफिज सईद के साथ फिलिस्तीन के राजदूत वलीद अबु अली भी शामिल हुए।

इसका आयोजन दिफाह-ए-पाकिस्तान काउंसिल ने किया था। इस दौरान फिलिस्तीनी राजदूत वलीद अबु अली ने लोगों को भी संबोधित किया था। दोनों के मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर होने लगी। इसके बाद भारत ने फिलिस्तीनी राजदूत के इस कदम के प्रति एतराज जताया था।


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