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चीन के OBOR पर US ने किया भारत का सपोर्ट, कहा- विवादित क्षेत्र से निकलता है प्रोजेक्ट

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 4 , 2017 , 09:21 IST | वाशिंगटन

अमेरिका ने चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) को लेकर भारत का सपोर्ट किया है। ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा है कि कॉरिडोर विवादित इलाके से गुजरेगा। किसी भी देश को बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव के जरिए अपनी बात नहीं मनवाना चाहिए। बता दें कि कॉरिडोर पाक के ग्वादर से चीन के शिनजियांग तक जाएगा। ये पाक के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से होकर गुजरेगा। भारत सॉवेरीनटी (संप्रभुता) के मुद्दे पर हमेशा से इसका विरोध जताता रहा है।

दुनिया में कई बेल्ट और कई रोड्स हैं

अमेरिकी डिफेंस मिनिस्टर जेम्स मैटिस ने चीन के वन बेल्ट-वन रोड प्रोजेक्ट पर कड़ा एतराज जताया। मैटिस ने कहा, "ग्लोबलाइज्ड वर्ल्ड में कई बेल्ट्स और रोड्स हैं। किसी भी देश को वन बेल्ट-वन रोड (OBOR) को लेकर अपना हक नहीं जताना चाहिए। वन बेल्ट-वन रोड विवादित इलाके से होकर भी गुजरेगा। मुझे लगता है कि इसके जरिए तानाशाही करने की कोशिश की जा रही है, इससे खतरा हो सकता है।

Mattis

दरअसल मैटिस से सीनेटर चार्ल्स पीटर्स ने चाइना पॉलिसी और OBOR को लेकर सवाल पूछा था। पीटर्स ने कहा कि OBOR स्ट्रैटजी के जरिए क्या चीन महाद्वीप और समुद्र के नेचुरल रिसोर्स पर कब्जा करना चाहता है? बता दें कि चीन से पाकिस्तान के बीच 60 बिलियन डॉलर की लागत से बन रहे CPEC की कुल लंबाई करीब 3000 किलोमीटर है।

क्या है OBOR

OBOR, प्रेसिडेंट शी जिनपिंग का पसंदीदा प्लान है। इसके तहत चीन पड़ोसी देशों के अलावा यूरोप को सड़क से जोड़ेगा। ये चीन को दुनिया के कई पोर्ट्स से भी जोड़ देगा। एक रूट बीजिंग को तुर्की तक जोड़ने के लिए प्रपोज्ड है। यह इकोनॉमिक रूट सड़कों के जरिए गुजरेगा और रूस-ईरान-इराक को कवर करेगा। दूसरा रूट साउथ चाइना सी के जरिए इंडोनेशिया, बंगाल की खाड़ी, श्रीलंका, भारत, पाकिस्तान, ओमान के रास्ते इराक तक जाएगा।

Obor

पाक से बन रहे CPEC को इसी का हिस्सा माना जा सकता है। फिलहाल, 46 बिलियन डॉलर के चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) पर काम चल रहा है। बांग्लादेश, चीन, भारत और म्यांमार के साथ एक कॉरिडोर (BCIM) का भी प्लान है।

CPEC के तहत पाक के ग्वादर पोर्ट को चीन के शिनजियांग को जोड़ा जा रहा है। इसमें रोड, रेलवे, पावर प्लान्ट्स समेत कई इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट किए जाएंगे।

CPEC को लेकर भारत विरोध करता रहा है। हमारा दावा है कि कॉरिडोर पाक के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से गुजरेगा, तो इससे सुरक्षा जैसे मसलों पर असर पड़ेगा।

OBOR समिट में शामिल नहीं हुआ था भारत

13-14 मई को बीजिंग में हुई OBOR समिट में भारत शामिल नहीं हुआ था। चीन ने भारत को शामिल होने के लिए न्योता भेजा था। भारत ने कहा था, "हम क्षेत्र में कनेक्टिविटी को लेकर जोर देते रहे हैं लेकिन OBOR में पाकिस्तान की तरफ से समस्या रही है। इसकी वजह ये है कि OBOR का हिस्सा माना जाने वाला चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) पीओके से होकर गुजरेगा। भारत ने समिट शामिल न होने की वजह कश्मीर और सॉवेरीनटी (संप्रभुता) को बताया था। इसमें दुनियाभर के 29 देश शामिल हुए थे।

 

 


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