राजनीति

2019 लोकसभा चुनाव में मोदी को टक्कर देने के लिए राहुल को मिला सबसे बड़ा 'हथियार'?

अमितेष युवराज सिंह, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 3
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| अक्टूबर 9 , 2017 , 21:02 IST | नयी दिल्ली

2019 लोकसभा चुनाव में 18 महीने से भी कम समय रह गए हैं। ऐसे में सभी पार्टियां अपनी-अपनी रणनीति बना रही हैं। 2019 के चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी को एक मजबूत हथियार मिलता नजर आ रहा है। खबरों के मुताबिक कांग्रेस पार्टी कैंब्रिज एनालिटिका नाम की उस कंपनी के संपर्क में है जिसने पिछले साल अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप को चुनाव जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। खबरों के मुताबिक कंपनी से अभी कांग्रेस पार्टी की बात चल रही है।

क्या करती है कैंब्रिज एनालिटिका

कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी, लोगों के इंटरनेट डाटा का विश्लेषण कर यह पता लगाती है कि लोगों की पसंद और नापसंद क्या है? लोगों के मुद्दे क्या हैं? लोग सच में सरकार से क्या चाहते हैं। कंपनी यही जानकारी अपने क्लाइंट को मुहैया कराती है। लोगों की इसी जानकारी के मुताबिक नेता और पार्टियां चुनाव में अपनी रणनीति बनाते हैं। कैंब्रिज एनालिटिका अपने विश्लेषण में ऑनलाइन सर्च, ईमेल और शॉपिंग वेबसाइट्स से मिली जानकारी का भी इस्तेमाल करती है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैंब्रिज एनालिटिका के सीईओ अलेग्जेंडर निक्स ने 2019 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति बनाने के सिलसिले में पार्टी के कई नेताओं से मुलाकात की है। कैंब्रिज एनालिटिका ने कांग्रेस पार्टी को एक प्रजेंटेशन भी दिया है जिसमें वोटरों को ऑनलाइन साधने की रणनीति को विस्तार से बताया गया है।

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(अलेग्जेंडर निक्स, सीईओ, कैंब्रिज एनालिटिका) 

ट्रंप की जीत में अहम भूमिका

आपको बता दें कि अमेरिकी चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद कैंब्रिज एनालिटिका की पूरी दुनिया में धाक बढ़ गई है। एनालिटिका कंपनी ने न सिर्फ अमेरिका में ट्रंप की जीत में बड़ा रोल निभाया, बल्कि ब्रेग्जिट को लेकर हुए जनमत संग्रह में भी कमाल दिखाया। एनालिटिका ने ब्रेग्जिट के पक्ष में कैंपेन चलाया था जिस पर ब्रिटेन की जनता ने भी मुहर लगाई। अपने चुनावी अभियान में डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशी कामगारों को लेकर सख्त रूख अपनाया था, लेकिन फिर भी वह हिंदुओं को लुभाने में कामयाब रहे। बताया जाता है कि यह रणनीति कंपनी के उस डाटा पर आधारित थी जिसमें बताया गया था कि कुछ अहम राज्यों में हिंदू वोटर्स अपना पाला बदल सकते हैं। यह कंपनी की सुझाई रणनीति ही थी कि ट्रंप ने भारतीय वोटरों को लुभाने के लिए हिंदी में विज्ञापन जारी किए।

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हालांकि कैंब्रिज एनालिटिका से अभी डील पूरी तरह फाइनल नहीं हुई है लेकिन कांग्रेस और कंपनी के बीच बातचीत सही दिशा में है। मतलब 2019 के चुनाव में इस बार सोशल मीडिया की भूमिका 2014 के मुकाबले और बढ़ने वाली है। सोशल मीडिया के इस्तेमाल में बीजेपी पहले से काफी आगे हैं। ऐसे में ये देखना काफी दिलचस्प होगा कि अगले लोकसभा चुनाव में किसका किसपर पलड़ा भारी रहता है।


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