मनोरंजन

बॉलीवुड में 'महानायक' के 49 साल पूरे, गुजरे जमाने को कुछ यूं किया याद

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
584
| फरवरी 15 , 2018 , 17:34 IST

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने फिल्मी दुनिया में 49 साल पूरे कर लिए हैं। 15 फरवरी 1969 को अमिताभ बच्चन ने अपने फिल्मी करियर की पहली फिल्म सात हिंदुस्तानी साइन की थी। इस बात को बिग बी ने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की है।

उन्होंने अपने ट्विटर एकाउंट पर लिखा है "49 साल पहले मैं ख्वाबों की नगरी में आया था और अपनी पहली फिल्म साइन की थी....'सात हिंदुस्तानी' 15, फरवरी, 1969..." इस तरह वे एक बार फिर अपनी पुरानी यादों में खो गए और पुराने दिनों को कुछ इस तरह याद किया।

अमिताभ बच्चन ने इसके साथ कल एक कविता भी पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने कुछ दिन पहले ही इस कविता को अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स पर पोस्ट किया था। 'जी हां, हुजूर मैं लिखता हूं...' को उन्होंने अब वीडियो बनाकर पेश किया है।

 

'सात हिंदुस्‍तानी' थी पहली फिल्‍म-

अमिताभ बच्‍चन की यह पहली फिल्‍म 7 नवंबर 1969 में रिलीज हुई थी। इस फिल्‍म में अमिताभ बच्‍चन ने एक मुस्लिम कवि अनवर अली अनवर की भूमिका निभायी थी। यह कहानी एक सत्‍याग्रही मारिया की थी, जिसने 6 अलग-अलग धर्म और क्षेत्रों के लोगों के साथ मिलकर गोवा को पुर्तगालियों से आजाद कराने की कोशिश की थी। इस फिल्‍म को बेस्‍ट लिरिक्‍स का राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार भी मिला था। इस फिल्‍म को ख्‍वाजा अहमत अब्‍बाज ने निर्देशित किया था।

ऐसे मिली थी फिल्म -

अमिताभ को 'सात हिंदुस्तानी' कैसे मिली, इसके पीछे भी दिलचस्प कहानी है, जिसे ख्वाज़ा अहमद अब्बास की एक किताब में विस्तार से दिया गया है। 'सात हिंदुस्तानी' की कहानी गोवा मुक्ति आंदोलन से निकली थी, जिसके लिए अब्बास को सात एक्टर्स की ज़रूरत थी। फ़िल्मी दुनिया के रंगीन सपने देखने वाले अमिताभ को जब इस फ़िल्म के बारे में पता चला तो वो कोलकाता में अपनी 1600 रुपए महीने की नौकरी छोड़कर मुंबई आ गये थे। अब्बास ने अमिताभ को दो किरदारों की च्वाइस दी थी- एक पंजाबी और दूसरा मुस्लिम। अमिताभ ने मुस्लिम किरदार अनवर अली चुना, क्योंकि इस किरदार में अभिनय की कई परतें थीं।

ख़ास बात ये है कि अमिताभ को 'सात हिंदुस्तानी' मिली भी नहीं थी, मगर उन्होंने नौकरी से इस्तीफ़ा दे दिया था। जब अब्बास ने उनसे कहा कि अगर उन्हें ये फ़िल्म ना मिलती तो क्या होता। इस पर बिग बी ने कहा था कि कुछ जोख़िम तो उठाने पड़ते हैं। अमिताभ ने जिस अंदाज़ में ये बोला, वो अब्बास के दिल को छू गया। इस फ़िल्म के लिए अमिताभ को पांच हज़ार रूपए की पेशकश की गयी थी, जो उस वक़्त उनकी नौकरी से होने वाली आय के मुक़ाबले काफ़ी कम था। मगर, सात हिंदुस्तानी उनके लिए सिर्फ़ एक फ़िल्म नहीं थी, बल्कि अपने सपने को पूरा करने की तरफ़ पहला क़दम था।

बड़ी मुश्किल से उन्हें ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म सात हिंदुस्तानी में रोल मिला। पर जब उन्हें पता चला कि अमिताभ तो हरिवंश राय बच्चन के बेटे हैं, तो वह झिझक उठे। फिर शर्त रखी कि वह हरिवंश राय बच्चन से पूछेंगे कि उन्हें अमिताभ के फिल्मों में काम करनेे से कोई एतराज तो नहीं है। अमिताभ मान गए और तब ख्वाजा अहमद अब्बास ने हरिवंश राय बच्चन को टेलीग्राम करके पूछा। दो दिन बाद उनका जवाब आया कि उन्हें खुशी होगी यदि उनका बेटा ख्वाजा अहमद अब्बास के साथ अपना फिल्मी करियर शुरू करे । 


कमेंट करें