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अंटार्कटिका से अलग हुआ दिल्ली से 4 गुना बड़ा ग्लेशियर, पर्यावरण पर पड़ेगा बड़ा असर

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 13 , 2017 , 13:35 IST | अन्टार्कटिका

अंटार्कटिका से अब तक का सबसे बड़ा हिमखंड टूट कर अलग हो गया है। इसका आकार 5,800 वर्ग किलोमीटर यानि राजधानी दिल्ली से भी 4 गुना ज्यादा है। गोवा के आकार से डेढ़ गुना बड़ा और अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से 7 गुना बड़ा है।

इस घटना से पर्यावरण पर असर पड़ेगा। एक बड़ा हिस्सा टूटने से लार्सन सी आइस शेल्फ का आकार 12 फीसदी घट गया है। इस हिमखंड के टूटने के बाद अंटार्कटिका प्रायद्वीप का आकार भी हमेशा के लिए बदल गया है। अंटार्कटिका से हमेशा हिमशैल अलग होते रहते हैं, लेकिन यह क्योंकि खास तौर पर बड़ा है, ऐसे में महासागर में जाने के इसके रास्ते पर निगरानी की जरूरत है। यह नौवहन यातायात के लिये मुश्किलें पैदा कर सकता है।

क्या होगा असर?

वैज्ञानिकों की मानें तो इस हिमखंड के अलग हो जाने से वैश्विक समुद्री स्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि हो जाएगी। इस महाद्वीप के पास से होकर गुजरने वाले जहाजों के लिए भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे के मुताबिक यह हिमखंड 10 और 12 जुलाई के बीच टूटकर अलग हुआ है। हिमखंड का नाम A68 रखा जा सकता है।

हिमखंड के टूटकर अलग होने का पता नासा के एक्वा मोडिस सैटेलाइट से मिले डाटा से चला है। इस हिमखंड के टूटने की प्रक्रिया एक साल पहले शुरू हो गई थी। 25 से 31 मई के बीच ही इसमें 17 किमी लंबी दरार आ गई थी। 24 और 27 जून के बीच बर्फ तेजी से अलग होने लगी थी और इसकी दरार रोजाना 10 मीटर बढ़ रही थी। 5,800 वर्ग किलोमीटर के आकार का ये आइसबर्ग अब तक टूटकर अलग हुए सभी हिमखंडों में सबसे बड़ा है। इससे पहले सबसे बड़ा टूटने वाला हिमखंड बी15 था। 4200 वर्ग किलोमीटर आकार का बी15 साल 2000 में रॉस आइस शेल्फ से अलग हो गया था।


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