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दार्जिलिंग में हिंसा के बाद सेना तैनात, पुलिस अफसर पर हमला, एक प्रदर्शनकारी की मौत

अमितेष युवराज सिंह, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 17 , 2017 , 18:14 IST | दार्जिलिंग

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में शनिवार को स्थिति और विस्फोटक को गई। यहां हालात काबू में करने के लिए सेना को बुलाया गया है। विरोध प्रदर्शन उग्र होने के बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) की महिला शाखा ने पार्टी के सहायक महासचिव बिनय तमांग के आवास पर हुई छापेमारी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दार्जिलिंग के उत्तर में स्थित सिंगमड़ी में रैली निकाली, जिसके बाद हिंसा शुरू हो गई।

इस हिंसा में उग्र प्रदर्शनकारियों ने इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB) के एक अधिकारी पर खुखरी से हमला कर दिया, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गए। इनकी पहचान किरण तमांग के रूप में की गई है, जो आईआरबी के 2nd बटालियन में असिस्टेंट कमांडर हैं। इस दौरान हुई पुलिस फायरिंग में एक जीजेएम समर्थक की मौत हो गई।

सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं ने अलग गोरखालैंड की मांग करते हुए हाथों में तिरंगा थामे 'गोरखालैंड गोरखालैड' के नारे लगाए। महिला कार्यकर्ताओं ने 'पुलिस वापस जाओ' के नारे लगाते हुए पुलिस बैरिकेड को धक्का दिया, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। बिनय तमांग ने कहा कि पुलिस और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार रात करीब तीन बजे उनके घर में भी उसी प्रकार छापेमारी और तोड़फोड़ की, जिस तरह दो दिन पहले उन्होंने पार्टी प्रमुख बिमल गुरंग के घर पर की थी। तमांग ने दावा किया कि पुलिस ने जीजेएम के विधायक अमर राय के बेटे को भी गिरफ्तार कर लिया है।

स्थिति पर काबू पाने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दार्जिलिंग देव बोर्ड्स के सदस्यों, एडीजी (कानून-व्यवस्था), डीजी बंगाल पुलिस, चीफ सेक्रटरी, गृह सचिव के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने बताया कि जीजेएम के समर्थकों ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू की और पुलिस वाहनों को आग लगा दिया। विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा बलों ने रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया।

इन ताजा झड़पों के बीच पृथक राज्य की मांग को लेकर आयोजित अनिश्चितकालीन बंद शनिवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। आपको बता दें कि जीजेएम ने सरकारी स्कूलों में बांग्ला भाषा को अनिवार्य किए जाने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के फैसले के विरोध में पहाड़ी क्षेत्र दार्जिलिंग एवं कालिम्पोंग जिले में अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया है कि नया नियम पहाड़ी जिलों में नहीं लागू किया जाएगा। इसके बाद भी हड़ताल का आह्वान किया गया है।


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