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पत्थर-बम बरस रहे हों तो जवानों को मरने के लिए नहीं कह सकते: सेना प्रमुख

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 28 , 2017 , 20:25 IST | श्रीनगर

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने मेजर गोगोई द्वारा कश्मीरी व्यक्ति का इस्तेमाल मानव ढाल के रूप में किए जाने का पुरजोर बचाव करते हुए कहा है कि जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना 'घृणित युद्ध' का सामना कर रही है, जिसे 'नए' तरीके से लड़ने की जरूरत है।

रावत ने कहा कि मेजर लीतुल गोगोई को सम्मानित करने का मुख्य उद्देश्य बल के युवा अधिकारियों का मनोबल बढ़ाना था जो आतंकवाद प्रभावित राज्य में बहुत मुश्किल परिस्थितियों में काम करते हैं।

अलगाववादी को कहा- पत्थर नहीं हथियार चलाएं

सेना प्रमुख ने अलगाववादियों को चुनौती देते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि वे पथराव की बजाय हथियार चलाएं।

रावत ने कहा यह छद्म युद्ध है

मानव ढाल के मामले में गोगोई के खिलाफ कोर्ट आफ इंक्वॉयरी जारी है। रावत ने कहा, 'यह छद्म युद्ध है और छद्म युद्ध घृणित लड़ाई होती है। इसे घृणित तरीके से अंजाम दिया जाता है। संघर्ष के नियम तब लागू होते हैं जब विरोधी पक्ष आपसे आमने-सामने लड़ता है। यह घृणित युद्ध है। ऐसे समय में नये तरीकों का जन्म होता है। आप नये तरीकों से घृणित युद्ध लड़ते हैं।

Gogoi

गौरतलब है कि पिछले महीने एक व्यक्ति को सेना की जीप से बांधने और पथराव करने वालों के खिलाफ उसका इस्तेमाल मानव कवच के रूप में करने वाले गोगोई को सेना प्रमुख ने सम्मानित किया था, जिसकी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, कश्मीरी समूहों और सेना के कुछ सेवानिवृत्त जनरलों ने आलोचना की थी।

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कश्मीरी व्यक्ति के मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद शुरू हो गया था और बड़ी संख्या में लोग इस घटना की निंदा कर रहे थे।

Army chief 2

जनरल रावत ने कहा कि,

लोग हम पर पथराव कर रहे हैं, पेट्रोल बम फेंक रहे हैं। ऐसे में जब मेरे कर्मी मुझसे पूछते है कि हम क्या करें तो क्या मुझे यह कहना चाहिए कि बस इंतजार करिए और जान दे दीजिए

उन्होंने कहा कि मैं राष्ट्रीय ध्वज के साथ एक अच्छा ताबूत लेकर आऊंगा और सम्मान के साथ शव को आपके घर भेजूंगा? प्रमुख के तौर पर क्या मुझे यह कहना चाहिए? मुझे वहां तैनात सैनिकों को मनोबल बनाए रखना है।

Kashmir

 

 

 

 


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