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हमें मानवाधिकार की फिक्र है, मगर कश्मीर में गुमराह हो रहे हैं युवा: आर्मी चीफ

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 17 , 2017 , 15:55 IST | श्रीनगर

कश्मीर की स्थिति पर आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा है कि कश्मीर में मानवाधिकार का उल्लंघंन नहीं होने दिया जाएगा। हमें कश्मीर के लोगों की चिंता है। गलत सूचनाएं उन्हें गुमराह कर रही हैं। बता दें कि अप्रैल में मेजर लीतुल गोगोई ने जीप के बोनट पर एक पत्थरबाज को बांधने के चलते काफी विवाद हुआ था। बाद में रावत ने हालात से निपटने के लिए इस कदम को सही बताया था।

Vipin rawat

दक्षिण कश्मीर के युवाओं में गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं

रावत ने कहा कि,

हमें कश्मीर के लोगों की चिंता है। वहां मानवाधिकार का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा

उन्होंने कहा कि साउथ कश्मीर के कुछ हिस्से में हालात ज्यादा खराब है। लेकिन इस पर कंट्रोल करने के लिए हमें ट्रेनिंग दी जाती है। जल्द ही सब कुछ काबू में कर लिया जाएगा। कश्मीर में युवाओं के बीच कुछ गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। इसी के चलते वे पत्थरबाजी कर रहे हैं। लेकिन मुझे उम्मीद है कि वे समझेंगे कि उनके और राज्य के लिए क्या सही है। बता दें कि रावत डुंडीगल में एयरफोर्स एकेडमी में पासिंग आउट परेड में हिस्सा लेने आए थे।

अच्छा होगा अगर पत्थरबाजी के बजाए वो हम पर गोलियां चलाएं

29 मई को रावत ने कहा था कि, कश्मीर में हमारी सेना जिस तरह के ‘डर्टी वॉर’ का सामना कर रही है, उससे निपटने के लिए मेजर गोगई के तरीके ही जरूरी हैं।
बता दें कि रावत ने मेजर लीतुल गोगोई द्वारा ह्यूमन शील्ड के इस्तेमाल का बचाव किया था।

Gogoi

रावत के मुताबिक, इन सबके बावजूद अब भी काफी धैर्य से काम कर रही है। उन्होंने कहा था कि आर्मी चीफ के तौर पर मेरा काम जवानों का मनोबल बनाए रखना है। ये मेरा काम है। मैं जंग के मैदान से काफी दूर हूं। मैं सिर्फ उनसे ये कह सकता हूं कि मैं उनके साथ हूं।

तनाव के बीच CM महबूबा ने फिर की बातचीत की वकालत

सीएम महबूबा मुफ्ती ने चरमपंथियों और प्रदर्शनकारियों से हथियार छोड़कर बातचीत की मेज पर आने की अपील करते हुए कहा कि बातचीत ही किसी शिकायत को दूर करने का एकमात्र रास्ता है। बंदूकों और हिंसा से समस्या नहीं सुलझती। 

उन्होंने कहा कि, हम लोग परेशान हैं, हमारे सैनिक मर रहे हैं. आज दोनों पक्षों के लोग मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीरियों की मुश्किलें दूर करने के लिए हमें साथ बैठना होगा। जब हम साथ मिलकर चलेंगे, तभी हम साथ आगे बढ़ेंगे।

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