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2000 किमी से ज्यादा के हाइवे प्रोजेक्ट्स पड़े हैं पेंडिंग, बैंकों ने लोन देने से किया इनकार

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 7 , 2017 , 15:19 IST | नई दिल्ली

देश को अच्छी सड़क देने का सपना दिखाने वाली मोदी सरकार ने हाईवे प्रोजेक्ट्स पर खासा ध्यान दिया है, लेकिन इसके बावजूद काफी प्रोजेक्ट्स बीच में अटके हुए हैं। करीब 30 ऐसे प्रोजेक्ट्स हैं, जिनका टेंडर पास होने के बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया है और इन प्रोजेक्ट्स में दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे का एक हिस्सा भी शामिल है।

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काम शुरू न हो पाने की सबसे बड़ी वजह बैंक का लोन न देना है। हाल ही में हुई एक बैठक में नेशनल हाइवे अथॉरिटी ने मिनिस्टर ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट नितिन गडकरी के समक्ष एक प्रेजेन्टेंशन दिया। जिसमें 67 हाइवे प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी दी गई। इनमें से 2243 किमी के 30 प्रोजेक्ट्स ऐसे हैं जो पैसे की वजह से रुके हुए हैं।

इन प्रोजेक्ट्स में से अधिकत्तर प्रोजेक्ट्स का टेंडर हो चुका है मगर फाइनेंशियल क्लोजर न होने की वजह से शुरू नहीं हो पाए हैं। दरअसल, इन प्रोजेक्ट्स के शुरू न होने की वजह बैंक हैं। सूत्रों से पता चला कि बैंक एनपीए के डर की वजह से इन प्रोजेक्ट्स से नहीं जुड़ पा रहे हैं। क्योंकि उन्हें लगता है कि ये प्रोजेक्ट्स वाइबिल नहीं हैं और इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बावजूद भी कंपनियों को इतना पैसा नहीं मिल पाएगा कि वो बैंक को लौटा सकें। हालांकि अभी भी बैंक लोन देने से कतरा रहे हैं।

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बैंकों के इस डर को देखते हुए मिनिस्टर ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट ने एक बैठक बुलाई, जिसमें बैंकों के अधिकारी शामिल थे। इस बैठक में बैंकों को भरोसा दिलाया गया कि अगर आपको दिक्कत आएगी तो सरकार मदद करेगी। बैठक में बोला गया कि आप पैसे मुहैया कराए ताकि हाइवे टेंडर हासिल कर चुकी कंपनियां काम शुरू कर सकें।


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