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8वीं कक्षा तक छात्रों को फेल न करने की व्यवस्था होगी खत्म: प्रकाश जावड़ेकर

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 23 , 2017 , 13:11 IST | नई दिल्ली

केंद्र सरकार जल्द ही कक्षा 8 तक छात्रों को फेल नहीं करने की पॉलिसी को खत्म करने जा रही है। सरकार ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को बताया कि राज्यों के समर्थन से केंद्र जल्द ही 5वीं और 8वीं कक्षा में छात्रों के परीक्षा में फेल होने पर उन्हें उसी कक्षा में रोके जाने की व्यवस्था शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि 25 राज्य पहले ही इस कदम के लिये अपनी सहमति दे चुके हैं।

शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सरकार अगले साल से पांचवीं और आठवीं कक्षा में पास-फेल पद्धति लागू करेगी। इसके लिए संशोधन बिल का मसौदा तैयार कर लिया है। संसद के अगले सत्र में इस बिल को पेश किया जाएगा। 

उन्होंने बताया कि पांचवीं से आठवीं तक बच्चों के मूल्यांकन के लिए दो परीक्षाएं होंगी। मार्च की परीक्षा में फेल होने वाले बच्चों को मई में एक मौका दिया जायेगा। इस परीक्षा में भी फेल होने पर बच्चे को उसी कक्षा में रोक लिया जायेगा। जावड़ेकर इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स के वार्षिक उदघाटन सत्र में बोल रहे थे।

मानव संसाधन विकास मंत्री ने बताया कि  यूनिवर्सिटी के प्रमाणपत्र में अब कॉलेज का नाम व आधार कार्ड का नंबर लिखना अनिवार्य होगा, इससे पारदर्शिता बनी रहेगी. उन्होंने कहा कि शिक्षा कोई राजनीतिक मसला नहीं है। यह राष्ट्रीय मुद्दा है। बच्चों को ऐसी शिक्षा मिलनी चाहिए, जिससे देश में अच्छे नागरिक तैयार हो सकें। इसके लिए शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर दिया जा रहा है।

जावड़ेकर ने कहा कि सरकार शिक्षकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इच्छुक है। उन्होंने कहा, मैंने देशभर के तकरीबन 15,000 बीएड कॉलेजों से हलफनामा मांगा था और उन्हें 15 जुलाई तक की समयसीमा दी थी। उन्होंने बताया कि 10,000-11,000 संस्थानों ने हलफनामा जमा कर दिया है और जिन संस्थानों ने अब तक हलफनामा जमा नहीं किया है, उन्हें संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। जावडेकर ने कहा है कि अगले दो वर्षों में सभी बच्चों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना हमारा लक्ष्य है और हम इसे समुदायिक मुहिम बनाना चाहते हैं।

 


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