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चीन को करारा जवाब, जेटली बोले- 1962 और 2017 में बहुत अंतर है

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 30 , 2017 , 17:50 IST | नई दिल्ली

सिक्किम में सड़क निर्माण को लेकर भारत और चीन के बीच चल रही तनातनी के बीच रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने चीन को करारा जवाब दिया है। उन्होंने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि 1962 के हालात और अब के हालात में बहुत अंतर है। जेटली के बयान उस वक्त आया है जब चीन ने भारतीय सेना को इतिहास से सबक लेने की नसीहत दी थी।

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जेटली ने कहा कि,

अगर आप लोग हमको याद दिलाने की कोशिश कर रहे तो हम आपको बता दें कि 1962 और आज की परिस्थिति में काफी फर्क है। आज का भारत काफी अलग है

जेटली ने यह बात एक मीडिया कॉनक्लेव में कही। अरुण जेटली ने आगे कहा कि भूटान की तरफ से जारी बयान में साफ किया गया है कि चीन की तरफ से शांति भंग करने की कोशिश की गई। इससे स्थिति पूरी तरह से साफ हो जाती है। चीन का यह बयान सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय सेना चीन, पाकिस्तान और आंतरिक खतरों से निपटने के लिए ढाई मोर्चों पर तैयार है।

चीनी सेना द्वारा भारतीय बंकरों को ध्वस्त करने और दोनों ओर की सेना के बीच हाथापाई होने के बाद जनरल रावत ने गुरुवार को सिक्किम पहुंचकर हालात का जायजा लिया। सेनाध्यक्ष ने जवानों का हौसला भी बढ़ाया।

सिक्किम में अवैध तरीके से घुसने का आरोप

सिक्किम में जारी गतिरोध को लेकर चीन के विदेश और रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को भारतीय सेना पर चीन के क्षेत्र में अवैध तरीके से घुसने का आरोप लगाया है। बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने कहा कि सिक्किम सीमा से सेना हटाने तक भारत से सीमा विवाद पर कोई बातचीत नहीं होगी। विवाद को सुलझाने के लिए यह पूर्व शर्त है।

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चीन ने 29 जून को भारत को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर भारत ने ‘चीनी क्षेत्र’ से अपने सैनिकों को वापस नहीं बुलाया, तो इससे सीमा पर मौजूदा तनाव और बढ़ेगा और सीमा पर गतिरोध को लेकर ‘अर्थपूर्ण वार्ता’ के लिए यही शर्त है। लु द्वारा चीनी क्षेत्र कहने का मतलब डोंगलोंग तथा डोकलाम से है, जो चीन तथा भूटान के बीच एक विवादित क्षेत्र है, जहां पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) तथा भारतीय सैनिकों के बीच झड़प हुई है।

भूटान की मिलीभगत से सड़क निर्माण बाधित करने का आरोप

चीन ने भारत पर भूटान की मिलीभगत से सड़क निर्माण को बाधित करने का आरोप लगाया है। चीन ने भारत को डोंगलोंग से अपने सैनिक हटाने के लिए भी कहा था। बीजिंग ने कहा था कि उसके पास भारतीय सैनिकों के चीनी सीमा के ‘उल्लंघन’ की तस्वीरें हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने संवाददाताओं से बातचीत में कुछ सेकंड के लिए तस्वीरें दिखाईं। दूरी के कारण तस्वीर स्पष्ट रूप से नहीं दिख पाई।

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चीन ने भारतीय सीमा के नजदीक टैंक का परीक्षण किया

चीन ने भारतीय सीमा के नजदीक तिब्बत के हिमालयी क्षेत्र में 35 टन वाले हल्के युद्धक टैंक का परीक्षण किया है। चीनी सेना के प्रवक्ता कर्नल कु कियान ने यह जानकारी दी। यह पूछे जाने पर कि क्या यह परीक्षण भारत के खिलाफ है, चीनी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि यह किसी देश के खिलाफ नहीं है।

इसका मकसद केवल टैंक के मानकों का परीक्षण करना था। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, चीनी सेना ने बड़ी संख्या नए टैंक सिनकिंगटैन को तिब्बत में तैनात किया है। यह टैंक भारत द्वारा तैनात रूस निर्मित टी-90एस टैंक से तकनीक और मारक क्षमता में काफी उन्नत है। इसमें 105 एमएम टैंक गन, 35 एमएम ग्रेनेड लांचर और 12.7 एमएम मशीन गन शामिल हैं।


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