बिज़नेस

भारत अगले साल पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा : अरुण जेटली

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1514
| जुलाई 13 , 2018 , 21:03 IST

विश्व बैंक के हाल के आंकड़ों से खुश केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि संभावना है कि भारत अगले साल पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा। विश्व बैंक ने इस साल भारत की विकास दर 7.3 फीसदी और अगले साल 7.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। 


भारतीय जनता पार्टी की वेबसाइट पर डाले गए एक लेख में जेटली ने कहा कि हाल में जारी विश्व बैंक के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत अब फ्रांस को पीछे छोड़कर दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने स्वीकार किया फ्रांस की आबादी की तुलना में भारत की विशाल आबादी को देखते हुए प्रति व्यक्ति आय में भारी अंतर होगा।


जेटली ने कहा, "जो अनुमान लगाया गया है, अगर हमारी विकास दर उतनी रहती है, तो अगले साल तक हम ब्रिटेन को पीछे छोड़कर पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। पिछले चार वर्षो में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के नाते, हम अगले दशक को आर्थिक विस्तार के रूप में देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने व्यापार में आसानी की रैंकिंग और पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में पहले ही महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है।

अरुण जेटली ने कांग्रेस पर केवल गरीबों को नारा देने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें संसाधन दिए, जो यह सुनिश्चि करेगा कि तेजी से विकास हो और गरीबी घटे। भाजपा की वेबसाइट पर लिखे लेख में, जेटली ने कहा है कि मोदी ने पारंपरिक सोच को बदला है और सुनिश्चित किया है कि संसाधनों पर ग्रामीण भारत और वंचित लोगों का हक हो।


उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस वर्ष किए गए निवेश से ग्रामीण भारत को 3.17 लाख किलोमीटर की ग्रामीण सड़क, 51 लाख ग्रामीण घर, 1.88 करोड़ शौचालय और घरों में 1.75 करोड़ नए बिजली कनेक्शन मिलेंगे। जेटली ने कहा कि अगर व्यय में वृद्धि अगले दशक तक भी लागू रही तो, इसका भारत के ग्रामीण गरीबों पर बहुत असर पड़ेगा।उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने भारत के गरीबों को नारा दिया। मोदी ने उन्हें संसाधन मुहैया कराए। मोदी सरकार 1970 और 1980 के कांग्रेस मॉडल को नहीं अपना रही है। उस मॉडल में अच्छी नीति और गरीबों के लिए वास्तविक व्यय के बदले लोकप्रिय नारे थे।

जेटली ने कहा कि इंदिरा गांधी का 'गरीबी हटाओ' का मॉडल धन और संसाधनों को पैदा करने के बजाय गरीबी का पुनर्वितरण था। इससे गरीबों के जीवन में महत्वपूर्ण प्रगति नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इस वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका और अवसंरचना के लिए 14.34 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

किसानों के लिए उठाए गए कदम के बारे में उन्होंने कहा कि 11 लाख करोड़ रुपये कृषि ऋण वितरित किया गया, 14 खरीफ फसलों की लागत का 50 प्रतिशत एमएसपी किया गया, डेयरी आधारभूत विकास फंड के लिए 10,881 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण आधारभूत विकास फंड के तहत 28,00 करोड़ रुपये, पशुपालन विकास बुनियादी ढांचा निधि के तहत 5,020 करोड़ रुपये जारी किए गए।


कमेंट करें