राजनीति

फिर अरुण शौरी का हमला, बोले- मोदी को PM के रूप में सपोर्ट करना गलती

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
300
| अक्टूबर 7 , 2017 , 14:07 IST | कसौली

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने 4 दिन में दूसरी बार सरकार और नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। कसौली (हिमाचल प्रदेश) में छठे खुशवंत सिंह लिटरेरी फेस्टिवल में शौरी ने कहा कि मोदी को पीएम के रूप में सपोर्ट करना गलती थी। ये मेरी दूसरी गलती थी। पहली गलती वीपी सिंह को सपोर्ट करके की थी।

Shorie 2

क्या कहा जा रहा है, इस पर न जाएं

अरुण शौरी ने कहा कि इस पर नहीं जाना चाहिए कि आपके साथ के लोग क्या कह रहे हैं। हमें उस बात पर विचार करना चाहिए जो बीते वक्त में कही जा चुकी हैं। ये आने वाले वक्त के लिए अच्छा रहेगा। उन्होंने कहा कि नेताओं का आकलन उनके द्वारा किए गए दावों की पड़ताल करके करना चाहिए। मुझे लगता है कि हमारे अखबारों, मुझ जैसे लोगों की सबसे बड़ी नाकामी ये रही कि हम गुजरात मॉडल के दावे को सही तरीके से जांच नहीं पाए। बता दें कि मोदी ने सीएम रहने के दौरान गुजरात में विकास के दावे किए थे।

शौरी ने कहा कि हमें आज अहसास हो रहा है कि गुजरात मॉडल को किसी भी लिहाज से पहले पायदान पर नहीं रखा जा सकता। वो महज एक इवेंट मैनेजमेंट ही था।

और क्या बोले शौरी

उन्होंने कहा कि उदाहरण के तौर पर, हर कोई गुजरात वाइब्रेंट समिट को लेकर आश्चर्यचकित था। 10 लाख करोड़ का वादा किया गया। 15 लाख करोड़ के इन्वेस्टमेंट का भी वादा किया गया। सभी 9 समिट की जबर्दस्त कामयाबी की बात कही गई। क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कितनी कामयाबी मिली? महज 6%। लेकिन बिजनेस के लिहाज से ये बड़ी कामयाबी थी।

शौरी के मुताबिक, "मोदी ने दावा किया था कि हर साल 2 करोड़ नौकरियां आएंगी। चार दिन पहले ही उन्होंने फुलपेज ऐड दिए जिसमें कहा गया कि साढ़े 5 लाख नए जॉब आए। उन्होंने नौकरियां का कैसा जादू किया जो दिखा तक नहीं।"

नोटबंदी खुदकुशी करने जैसा मामला

3 अक्टूबर को शौरी ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था, "आप भले ही नोटबंदी को साहसिक कदम बताएं, लेकिन ये खुदकुशी करने जैसा मामला है। केंद्र सरकार को फिलहाल ढाई लोग चला रहे हैं। सरकार ने नोटबंदी के समर्थन में जो तर्क दिए, क्या आज भी वो जिंदा हैं? क्या ब्लैक मनी पूरी तरह से व्हाइट हो गई? आतंकी आज भी भारत आ रहे हैं। आज सरकार के पास कुछ भी कहने को नहीं है।

अमित शाह ने तकनीकी कारणों को मौजूदा मंदी की वजह बताई थी। शौरी ने कहा कि शाह क्या मशहूर इकोनॉमिस्ट हैं? आप सरकारी आंकड़ों को बहुत देर तक छिपाकर नहीं रख सकते। जो सरकार चला रहे हैं, वे कोई भी सच या सलाह सुनना नहीं चाहते।"

 


कमेंट करें