नेशनल

आरुषि मर्डर मिस्ट्री: कोर्ट में CBI ने आखिर क्यों दाखिल की थी क्लोजर रिपोर्ट?

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
83
| अक्टूबर 12 , 2017 , 21:58 IST | नई दिल्ली

ढाई साल तक जांच करने के बाद आरुषि-हेमराज हत्याकांड मामले में सीबीआई ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की और कहा कि मामले को बंद कर दिया जाए। लेकिन, स्पेशल कोर्ट ने पेश तथ्यों के आधार पर कहा कि जो साक्ष्य हैं, वह पुख्ता हैं और मामले में तलवार दंपती को बतौर आरोपी समन जारी कर दिया। हालांकि, क्लोजर रिपोर्ट में सीबीआई ने शक की सूई तलवार दंपती की तरफ घुमाया था, पर पुख्ता सबूत नहीं होने की बात कही थी।

वैसे सीबीआई की थ्योरी खुद ही बदलती रही। यूपी पुलिस ने तलवार को आरोपी बनाया था, लेकिन सीबीआई ने उसे नकार दिया था और नौकरों को आरोपी बनाया। इसके बावजूद जब पुख्ता सबूत नहीं मिले तो तलवार दंपती पर शक जाहिर किया था। हालांकि इस मामले में आरुषि के पिता राजेश तलवार ने कहा था कि, हम चाहते हैं कि मामला दोबारा खुले।

क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बाद नूपुर ने कहा था कि, मामले को बंद करने के संबंध में इस रिपोर्ट के बारे में मैं सिर्फ इतना कह सकती हूं कि सीबीआई ने हमें जीवनभर के लिए कलंकित कर दिया है। इन लोगों ने बिना किसी सबूत के हम पर सभी तरह के झूठे आरोप लगाए। यह हमारे लिए पूरी तरह स्तब्धकारी है।

Featureeeeeeee

बता दें कि सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में तीन नौकरों कृष्णा, राजकुमार और विजय मंडल को क्लीन चिट दे दी थी। इन लोगों को संदिग्ध के तौर पर हिरासत में लिया गया था। गौरतलब है कि 15-16 मई 2008 के दरमिया आरुषि की हत्या नोएडा स्थित प्लैट में होती है। उसके अगले दिन छत से नौकर हेमराज का शव बरामद किया जाता है। जिसको लेकर सीबीआई ने तलवार दंपत्ति पर संदेह जाहिर किया।


कमेंट करें