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भागलपुर हिंसा: 14 दिनों के लिए जेल भेजे गए अर्जित चौबे, पटना से हुई थी गिरफ्तारी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 1 , 2018 , 20:49 IST

भागलपुर के नाथनगर में हुए दंगों के आरोपी अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत ने देर रात शनिवार करीब 12 बजे पटना के महावीर मंदिर के सामने सिलेंडर कर दिया। जानकारों के अनुसार शाश्वत ने जमानत रद्द होने के बाद पुलिस के सामने सरेंडर करने का निर्णय लिया। अपने समर्थकों की मौजूदगी में सरेंडर के दौरान अर्जित शाश्वत ने मीडिया के सामने नारेबाजी की और अभी तक सरेंडर न करने की वजह भी बताई। बाद में भागलपुर में कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

गौरतलब हो कि अर्जित शाश्वत चौबे भागलपुर के नाथनगर उपद्रव मामले में नामजद आरोपी हैं। बचाव और सरकार की ओर से करीब घंटे भर तक जमानत की बिंदु पर बहस हुई जिसके बाद कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

केंद्रीय मंत्री के पुत्र अर्जित पर 17 मार्च को बिना अनुमति भारतीय नववर्ष का जुलूस निकालने समेत अन्य आरोप लगाए गए हैं। दूसरी तरफ अर्जित के पिता अश्विनी चौबे, बीजेपी के सीनियर नेता गिरिराज सिंह समेत कई नेता अर्जित को निर्दोष बता रहे हैं। अर्जित की गिरफ्तारी को लेकर बिहार पुलिस की एसआईटी भी लगातार छापेमारी कर रही थी।

विधायक पर लगाया आरोप-:

अर्जित ने बवाल के लिए वहां के विधायक को जिम्मेदार बताते हुए कहा, "मैं एक ही बात जानता हूं कि भागलपुर में 10 दिनों से जो गतिविधि हो रही है, उसके लिए विधायक शर्माजी जिम्मेदार हैं। विधायक के फोन का रिकॉर्ड निकाल लीजिए तो पता चल जाएगा कि कौन दंगाई है। शोभायात्रा निकालने के बाद नाथनगर थाना का रवैया आपत्तिजनक रहा। हमारे जैसे राष्ट्रभक्तों की भावना 'भारत माता की जय, वंदे मातरम और जय श्रीराम' कहने की थी।" गिरफ्तारी के बाद अर्जित को गांधी मैदान थाना ले जाया गया।

अब आगे क्या होगी की कार्रवाई?

अर्जित को भागलपुर में सीजेएम कोर्ट में मौजूद कराकर पुलिस जेल भेजेगी। फिर वे रेगुलर बेल के लिए सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल करेंगे। यहां से राहत नही मिलने पर वे जिला अदालत में अर्ज़ी डालेंगे। यहां भी राहत नहीं मिली तो हाईकोर्ट का रुख लेंगे। वे एक हफ्ते के अंदर ही सारी प्रक्रिया अपना सकते हैं। जिससे केस जल्दी हाईकोर्ट में पहुंचे और जल्द जमानत मिल जाए।

जानें कौन है अर्जित चौबे-:

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे(स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री) के बेटे अर्जित चौबे भागलपुर में अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे अर्जित रातोंरात हिंदुत्व का चेहरा बनकर उभर रहे हैं। बेल रिजेक्ट होने के बाद सरेंडर के लिए हनुमान मंदिर के पास की जगह को चुनना भी उनके हिंदुत्व कार्ड के गणित को बताता है। सरेंडर के वक्त भी उस जगह पर 'जय श्रीराम, जय भवानी' नारे लगाए गए।

(इनपुट- ऐजेंसी)

क्या है भागलपुर उपद्रव मामला ?

-: 17 मार्च को हिंदू नववर्ष की शोभा यात्रा के दौरान भागलपुर के चंपानगर में दो पक्षों के बीच रोड़ेबाजी, आगजनी, फायरिंग की घटना हुई थी। इस घटना में पुलिस जवान समेत कई लोग घायल हो गए थे।

-: मामले में एएसआई हरिकिशोर सिंह ने अर्जित समेत 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। अरेस्ट वारंट के लिए कोर्ट पहुंची पुलिस को अदालत ने अधूरा बताते हुए लौटा दिया था। उस समय पुलिस ने सिर्फ अर्जित पर ही वारंट की अर्जी लगाई थी। जिस पर कोर्ट ने एतराज जताते हुए कहा कि मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ अर्जी क्यों नहीं डाली?

-: 24 मार्च को एसीजेएम कोर्ट ने अर्जित समेत सभी नौ आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। अरेस्ट वारंट जारी होने के बाद अर्जित शाश्वत और 8 अन्य आरोपियों ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की। इसपर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी।


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