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हर साल दांतों के लिए होता है 27000 हाथियों का शिकार, इन्हें बचाना जरुरी है...

ललिता सेन, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 12 , 2017 , 17:52 IST | नई दिल्ली

पूरी दुनिया में 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस मनाया जाता है। हाथियों के संरक्षण की दिशा में आम लोगों को जागरुक करने के लिए यह दिन मनाया जाता है।

www.savetheelephants.org के मुताबिक हर साल बेश्कीमती हाथी दांतों के लिए करीब 27000 अफ्रीकी हाथियों को शिकार बनाया जाता है। 

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विश्व हाथी दिवस पर कुछ खास फैक्ट्स

-हाथी आवाज को सुनकर आदमी और औरत के बीच का अंतर कर सकता है।

-हाथी दांत के लिए दुनिया भर में रोज लगभग 100 हाथियों की हत्या कर दी जाती है।

-अफ्रीकी हाथियों को गंध की सबसे अच्छी समझ होती है।

-हाथी दिन में सिर्फ 2 से 3 घंटे ही सोते हैं।

-एक वयस्क हाथी को दिन में 300 किलो खाने और 160 किलो तक पानी की जरुरत होती है।

-हाथी दुनिया की सबसे बुद्धिमान प्रजातियों में से एक हैं। हाथी के दिमाग का वजन 5 किलो तक हो सकता है। ये किसी भी दूसरे जानवर के दिमाग के वजन से ज्यादा है।

रोचक जानकारी- 

हाथी जमीन पर रहने वाला सबसे विशाल स्तनपायी है। यह एलिफैन्टिडी कुल और प्रोबोसीडिया गण का प्राणी है। आज एलिफैन्टिडी कुल में केवल दो प्रजातियाँ जीवित हैं एवलिफस और लॉक्सोडॉण्टा। तीसरी प्रजाति मैमथ विलुप्त हो चुकी है। जीवित दो प्रजातियों की तीन जातियाँ पहचानी जाती हैं:- लॉक्सोडॉण्टा प्रजाति की दो जातियाँ - अफ़्रीकी खुले मैदानों का हाथी (अन्य नाम: बुश या सवाना हाथी) तथा (अफ़्रीकी जंगलों का हाथी ) - और ऍलिफ़स जाति का भारतीय या एशियाई हाथी। हालाँकि कुछ शोधकर्ता दोनों अफ़्रीकी जातियों को एक ही मानते हैं, अन्य मानते हैं कि पश्चिमी अफ़्रीका का हाथी चौथी जाति है। ऍलिफ़ॅन्टिडी की बाकी सारी जातियाँ और प्रजातियाँ विलुप्त हो गई हैं। अधिकतम तो पिछले हिमयुग में ही विलुप्त हो गई थीं, हालाँकि मैमथ का बौना स्वरूप सन् २००० ई.पू. तक जीवित रहा।
आज हाथी ज़मीन का सबसे बड़ा जीव है। हाथी का गर्भ काल २२ महीनों का होता है, जो कि ज़मीनी जीवों में सबसे लम्बा है। जन्म के समय हाथी का बच्चा क़रीब १०५ किलो का होता है। हाथी अमूमन ५० से ७० वर्ष तक जीवित रहता है, हालाँकि सबसे दीर्घायु हाथी ८२ वर्ष का दर्ज किया गया है।  आज तक का दर्ज किया गया सबसे विशाल हाथी सन् १९५५ ई॰ में अंगोला में मारा गया था। इस नर का वज़न लगभग १०,९०० किलो था और कन्धे तक की ऊँचाई ३.९६ मी॰ थी जो कि एक सामान्य अफ़्रीकी हाथी से लगभग एक मीटर ज़्यादा है।  इतिहास के सबसे छोटे हाथी यूनान के क्रीट द्वीप में पाये जाते थे और गाय के बछड़े अथवा सूअर के आकार के होते थे।
एशियाई सभ्यताओं में हाथी बुद्धिमत्ता का प्रतीक माना जाता है और अपनी स्मरण शक्ति तथा बुद्धिमानी के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ उनकी बुद्धिमानी डॉल्फ़िन तथा वनमानुषों के बराबर मानी जाती है। पर्यवेक्षण से पता चला है कि हाथी का कोई प्राकृतिक परभक्षी नहीं होता है,हालाँकि सिंह का समूह शावक या कमज़ोर जीव का शिकार करते देखा गया है। अब यह मनुष्य की दखल तथा अवैध शिकार के कारण संकट में है।


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