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अगस्ता वेस्टलैंड: इटली की कोर्ट ने 2 आरोपियों को किया बरी, इंडिया में भी पड़ेगा असर!

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 8 , 2018 , 21:24 IST | मिलान

इटली की एक अदालत ने अगुस्टा वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे से जुड़े कथित घूसखोरी मामले में सोमवार को लियोनार्दो के 2 पूर्व एग्जिक्युटिव जुसपे ओरसी और ब्रुनो को बरी कर दिया है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, सरकारी रक्षा समूह के पूर्व चीफ एग्जिक्युटिव और कभी अगुस्टा वेस्टलैंड के हेलिकॉप्टर यूनिट के चीफ रहे ब्रुनो को सबूतों के अभाव में बरी किया गया है। दिसंबर 2016 में इटली की शीर्ष अदालत ने मामले की दोबारा सुनवाई के आदेश दिए थे।

यह आदेश भारत सरकार के साथ 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों की डील से जुड़े 450 करोड़ रुपये की कथित घूसखोरी में रोम स्थित कंपनी के पूर्व एग्जिक्युटिव्स के दोषी पाए जाने के बाद दिया गया था। 2016 में ओरसी को साढ़े चार साल और ब्रुनो को 4 साल की सजा सुनाई गई थी।

क्या है मामला

यूपीए सरकार-2 के समय फरवरी 2010 में इटली की कंपनी फिनमेक्कैनिका की सहायक कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड के साथ वीआईपी हेलिकॉप्टर के लिए करार किया गया था। करार के मुताबिक 3,600 करोड़ रुपये में 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर खरीदे जाने थे। इन हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और दूसरे वीवीआईपी लोगों के लिए किया जाना था।

भारत के लिए बुरी खबर क्यों?

इटली की कोर्ट से आरोपियों के बरी होने का असर भारत में चल रहे इस केस पर पड़ सकता है। दरअसल, साल 2013 में इटली की जांच एजेंसियों ने अगस्ता वेस्टलैंड की पेरेंट कंपनी फिनमेक्कैनिका के सीईओ को रिश्वत देने के मामले में गिरफ्तार किया था। इस मामले में इटली के मिलान कोर्ट ने करप्शन की बात कही, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा। भारत में इस मामले के जांच के आदेश दिए गए।

रिश्वत के लिए पैरामीटर बदलने का आरोप!

पुराने MI- 8 हेलिकॉप्टरों में ज्यादा ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता नहीं बताई जा रही थी। वायुसेना 6 हजार मीटर ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम हेलिकॉप्टर खरीदना चाह रही थी, शुरुआत में हेलिकॉप्टर की उड़ान क्षमता 6000 मीटर रखी गई थी, आरोप है कि बाद कंपनी से लिए कंपनी से लिए जाने वाले हेलिकॉप्टरों की उड़ान सीमा इतनी नहीं थी, जिसके चलते हेलिकॉप्टर कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए ये सीमा घटाकर 4500 मीटर कर दी गई। आरोप है कि रिश्वत के जरिए ऊंचाई से जुड़े पैरामीटर में तब्दीली की गई थी।

पूर्व IAF चीफ पर लगे थे संगीन आरोप

इस हाईप्रोफाइल मामले में पूर्व एयर चीफ एसपी त्यागी समेत 18 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। जिस वक्त ये डील फाइनल हुई थी, उस वक्त केंद्र में यूपीए की मनमोहन सरकार थी और त्यागी एयरचीफ के पद पर थे। उल्लेखनीय है कि अगुस्टा केस में सीबीआई ने वायुसेना के पूर्व प्रमुख एस.पी.त्यागी सहित 9 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अगु्स्टा वेस्टलैंड की पैरेंट कंपनी इटली की फिनमेकानिका है। इस कंपनी ने 3600 करोड़ रुपये में 12 हेलीकॉप्टर का सौदा हासिल किया गया था। 2010 में हुए इस सौदे में इटली की जांच एजेंसी ने रिश्वतखोरी का आरोप लगाते हुए वहां की अदालत में मुकदमा दायर किया था।


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