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Happy B'day अजीम प्रेमजी: भारत के तीसरे सबसे बड़े धनी करते हैं इकोनॉमी क्लास में सफर

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 24 , 2017 , 09:02 IST | नई दिल्ली

विप्रो के चेयरमैम अजीम हाशिम प्रेमजी और भारत के बिल ग्रेट्स का आज जन्मदिन है। अजीम प्रेमजी का जन्म मुंबई के एक गुजराती मुस्लिम परिवार में 24 जुलाई 1945 को हुआ था। उन्होंने स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रीकल इंजिनियर की उपाधि ग्रहण की।1966 में पिता की मृत्यु के बाद प्रेमजी विप्रो संस्था की कमान सम्भाली। प्रेमजी ने अपनी सूझबूझ और दक्षता से संस्था को नई उन्नति प्रदान की।

 

देश को आजादी मिलने से दो साल पहले मोहम्‍मद हशम प्रेमजी ने वेस्‍टर्न इंडिया वेजिटेबल प्रोडक्‍ट लिमिटेड शुरू की थी। इसे आज देश और दुनिया में लोग विप्रो लिमिटेड के नाम से जानती है। इसी उपलब्धि ने 1980 के दशक मे प्रेमजी को सबसे युवा उद्यमी के रूप में स्थापित किया।।

उन्नति

एशियावीक के मुताबिक, दुनिया के टॉप 20 प्रभावशाली व्यक्तियों में उनका नाम शुमार है। इतना ही नहीं, टाइम मैग्जीन ने दो बार दुनिया के टॉप 100 प्रभावशाली व्यक्तियों में उनका नाम शामिल किया है। अमेरिकी बिजनेस पत्रिका फोर्ब्‍स के मुताबिक वर्ष 1999 से 2005 तक अजीम प्रेमजी भारत के सबसे धनी व्यक्ति रह चुके हैं। वर्तमान में प्रेमजी तीसरे सबसे धनी भारतीय हैं जबकि दुनिया के सबसे धनी व्यक्तियों में वो 41वें नंबर पर हैं।

निजी जीवन

अजीम प्रेमजी का विवाह यास्मीन के साथ हुआ और दंपत्ति के दो पुत्र हैं – रिषद और तारिक। रिषद वर्तमान में विप्रो के आई.टी. बिज़नेस के ‘मुख्य रणनीति अधिकारी’ हैं।विप्रो के दुनियाभर में एक लाख तीस हजार कर्मचारी हैं और इसकी 54 देशों में शाखाएं हैं। विप्रो का मुख्यालय बैंगलोर में स्थित है। महज 21 साल की उम्र में उन्होंने पारिवारिक कारोबार अपने हाथों में ले ली। प्रेमजी ने जब कारोबार संभाला उस समय उनकी कंपनी वेस्टर्न इंडिया वेजिटेबल प्रोडक्ट कंपनी हाइड्रोजनेटेड वेजिटेबल आयल बनाती थी।प्रेमजी की अगुवाई में साबुन तेल बनानी वाली वेस्टर्न इंडिया वेजिटेबल ने विप्रो का रूप लिया और विभिन्न उत्पादों के साथ ही विप्रो ने आईटी क्षेत्र में अपना खास मुकाम बनाया।

परोपकार

प्रेमजी ने सफल उद्यमी के रूप में ही नहीं बल्कि समाज सेवा व शिक्षा के क्षेत्र में भी बहुत योगदान दिया। मानव सेवा की भावना का पूर्ण करने के लिए उन्होंने 2001 में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की स्थापना की। यह संस्था सम्पूर्ण भारत में राज्य सरकारों के सहयोग से शिक्षा के स्तर का सुधारने के लिए लगातार प्रगतिशील है। 2010 में शिक्षा में सुधार के लिए प्रेमजी ने 20 करोड़ रूपए का अनुदान दिया।

सामाजिक कार्यों में सराहनीय योगदान के लिए साल 2005 में भारत सरकार के अजीम प्रेमजी को पद्म भूषण से सम्मानित किया। 

विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी से जुड़ी एक खास बात है कि वो हवाई जहाज की इकोनॉमी क्लास में सफर करना पसंद करते हैं। विप्रो लिमिटेड के चेयरमैन प्रेमजी लग्जरी होटलों की जगह अगर कंपनी गेस्ट हाउस उपलब्ध हो तो उसी में ठहरना पसंद करते हैं।


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