बिज़नेस

मूडीज ने किया दावा, बैंकों को कामकाज के लिए 95000 करोड़ रुपये की जरूरत

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
209
| जून 8 , 2017 , 19:22 IST | नई दिल्ली

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को चलने के लिए अगले दो सालों में कम से कम 95,000 करोड़ रुपये की पूंजी की जरूरत है। यह रकम सरकार की साल 2019 के मार्च तक की योजना के तहत किए जाने वाले 20,000 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश से काफी ज्यादा है। मूडीज-आईसीआरए की रिपोर्ट में गुरुवार को यह जानकारी दी गई है।

Reclaim-packaged-accounts-04

मूडीज के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ विश्लेषक अलका अनबारासु ने कहा कि,

केंद्रीय परिपेक्ष्य में हमारा अनुमान है कि मूडीज द्वारा रेटिंग किए गए 11 सरकारी बैंकों को करीब 70 से 95 हजार करोड़ रुपये यानि 10.6-14.6 अरब डॉलर की कार्यशील पूंजी की जरूरत होगी।

मूडीज इन्वेस्टर सर्विस और आईसीआरए की जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

Moodys_1

हालांकि, मूडीज का मानना है कि सरकार से बैंकों में डाली जानेवाली पूंजी ही बाहरी इक्विटी पूंजी का मुख्य स्रोत है, क्योंकि सरकारी बैकों की पूंजी बाजार मूल्यांकन से काफी कम है। इसके कारण वे पूंजी बाजार मूल्यांकन से और इक्विटी नहीं बढ़ा सकते।

इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगले दो सालों में बैंकों को विशेष लाभ होने वाला नहीं हैं, क्योंकि बैंकों द्वारा कॉरपोरेट सेक्टर को बड़े पैमाने पर कर्ज दिया हुआ है, जिसे वसूल करने में बैंक नाकाम रही है।


कमेंट करें