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1833 Cr की बेनामी प्रॉपर्टी अटैच, 20 हजार से ज्यादा IT रिटर्न की डिटेल में होगी जांच

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 6 , 2017 , 22:25 IST | नई दिल्ली

नोटबंदी का एक साल होने के करीब है, ऐसे में सरकार ने भी आंकड़े जुटाने के साथ-साथ ऐक्शन लेने की प्रक्रिया भी तेज कर ली है। आयकर विभाग ने नोटबंदी के पहले और बाद में फाइल किए गए 20,572 रिटर्न को 'विस्तृत स्क्रूटनी' के लिए चुना है। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। इसके अलावा विभाग ने टैक्स चोरी के एक लाख 'हाई रिस्क' मामलों का भी पता लगाया है।

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20, 572 टैक्स रिटर्न को चुना गया

सूत्रों के मुताबिक, नोटबंदी के पहले और बाद प्रोफाइल मैच न करने वाले 20,572 टैक्स रिटर्न्स को चुना गया है। साफ कर दें कि अभी इन आयकर रिटर्न्स को सिर्फ स्क्रूटनी की प्रक्रिया के लिए चुना गया है। इसके तहत आयकर विभाग तमाम रेकॉर्ड्स और विवरणों को खंगालेगा और जांच करने वाले अधिकारी यह पता करेंगे कि इन रिटर्न्स में टैक्स चोरी हुई है या नहीं।

ऑपरेशन क्लीन मनी के तहत हुई कार्रवाई

आयकर विभाग ने इस साल 31 जनवरी को 'ऑपरेशन क्लीन मनी' का पहला फेज शुरू किया था। इसका उद्देश्य नोटबंदी में बंद हुए 500 और 1000 के नोटों के बाद ब्लैक मनी और छिपे हुए कैश का पता लगाना था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 3.68 लाख करोड़ रुपये के 17.73 लाख संदिग्ध मामलों की पहचान की गई थी। नोटबंदी के बाद इतने पैसे को 23.22 बैंक खातों के जरिए जमा किया गया था।

11.8 लाख लोगों को भेजा जा चुका है नोटिस

विभाग ने संदिग्ध मामलों में 11.8 लाख लोगों को नोटिस भेज जवाब मांगा था। कुल 11.80 लाख लोगों में से 16.92 लाख लोगों के ऑनलाइन जवाब विभाग को अभी तक मिल चुके हैं। यही नहीं आईटी डिपार्टमेंट ने पिछले साल की 9 नवंबर के बाद से इस साल मार्च तक 900 जगह छापे मार 900 करोड़ रुपये जब्त किए थे, जिसमें से 636 करोड़ रुपये नकद सीज किए गए थे।

आधिकारिक डेटा के मुताबिक, इन जांच अभियानों से 7,961 करोड़ रुपये की राशि का पता लगाया गया था जिसका खुलासा नहीं किया गया था। नवंबर से मार्च के बीच ही विभाग ने 8,239 सर्वे ऑपरेशन कर 6,745 करोड़ की ब्लैक मनी का भी पता लगाया था।

 


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