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भागलपुर सृजन घोटाले के आरोपी महेश मंडल की मौत, खुल सकते थे कई अहम राज

अनुराग गुप्ता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 21 , 2017 , 10:49 IST | पटना

बिहार के सृजन घोटाले में एक चौंका देने वाला मोड़ सामने आया है। इस घोटाले के आरोपी महेश मंडल की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। बता दें कि घोटाले के आरोप में ज़िला कल्याण विभाग से निलंबित महेश मंडल को 13 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें जेल भेज दिया गया।

इसके बाद उन्होंने अपनी तबीयत खराब होने की दलील दी, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां शुक्रवार और शनिवार को महेश का इलाज हुआ और फिर उसे वापस जेल भेज दिया गया। जिसके बाद रविवार को दोबारा तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महेश को कैंसर था और उनका इलाज चल रहा था।

ऐसा माना जा रहा है कि महेश मंडल इस घोटाले की जांच की अहम कड़ी थे और उनके पास कई मुख्य जानकारियां थी, जिससे इस घोटाले की सारी परतें खुल सकती थी। वहीं महेश के परिवार वालों ने उनकी मौत पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि, महेश का इलाज सही ढंग से नहीं किया गया जिसके चलते उनकी मौत हुई।

बिहार में इन दिनों एक बार फिर से सृजन घोटाले को लेकर भूचाल आ रहा है। हालही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घोटाले के सीबीआई द्वारा जांच कराने के आदेश दे दिए है। जिसके बाद इसकी चर्चाएं बिहार से बाहर भी होने लगी है। दरअसल, इस घोटाले के पीछे सृजन नामक एक एनजीओ की कहानी है। एनजीओ का पूरा नाम 'सृजन महिला विकास सहयोग समिति' है।

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क्या है सृजन?

बिहार के भागलपुर जिले में सृजन नाम की एक संस्था है। जिसे साल 1996 में महिलाओं को काम देने के इरादे से शुरु किया गया था। सृजन महिलाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए पापड़, मसाले, साड़ियां और हैंडलूम के कपड़े बनवाता है। इसके अलावा भी यह कई तरह के काम सृजन सरकारी ग्रांट के जरिए किया करता था।

सरकारी पैसे को सृजन एनजीओ के अकाउंट में जमा किया जाता था उसके बाद एनजीओ और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी पैसा निकाल लिया जाता। यह गोरखधंधा साल 2009 से चल रहा था। हालांकि पुलिस ने इस मामले में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।


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