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GST जश्न से दूर रहने वाली पार्टियों के खिलाफ बीजेपी ने बनाया खास प्लान

राघवेन्द्र द्विवेदी, संवाददाता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 30 , 2017 , 13:06 IST | नयी दिल्ली

बीजेपी GST लॉन्च कार्यक्रम से दूर रहने वाली पार्टियों को विकास विरोधी साबित करने की रणनीति पर काम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक कार्यक्रम का बहिष्कार करने वाली कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों की अनदेखी या नरम रुख अख़्तियार करने के बजाय इन पार्टियों को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश होगी। 17 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र है। कांग्रेस, टीएमसी और वामदल कारोबारियों के विरोध के हवाले से संसद में सरकार के ख़िलाफ़ हमला बोल सकते हैं। ऐसे में सरकार के रणनीतिकार जवाबी हमले के लिए तैयार हैं।

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नोटबंदी जैसे बड़े फ़ैसले से GST को जोड़ते हुए सरकार खुद को सही और विपक्ष को विकास विरोधी ठहराने में कोई कोताही नहीं करेगी। दलील दी जाएगी कि नोटबंदी के फ़ैसले के वक़्त भी राजनैतिक दलों की दलीलें किस तरह बेदम साबित हुई थीं उसी तरह GST पर उनके विरोध में दम नहीं। GST कार्यक्रम का विरोध करने वाली पार्टियां कह रही हैं कि इसे मुकम्मल तैयारी के बिना जल्दबाज़ी में लागू किया जा रहा है। इसके अलावा लोगों के विरोध और उनकी संभावित परेशानी को आधार बनाया जा रहा है। कुछ इसी तरह की बात विपक्ष ने नोटबंदी के समय की थी।

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फिलहाल बहिष्कार करने वाली पार्टियों के फ़ैसले पर बीजेपी नेता सधी हुई टिप्पणी करते हुए सिर्फ इतना कह रहे हैं कि अगर वो कार्यक्रम में शामिल होते तो अच्छा होता। संसद के सेंट्रल हॉल में आज आधी रात को होने वाला कार्यक्रम भले ही कांग्रेस को खटक रहा हो लेकिन बीजेपी इस जश्न को ज़रूरी मानती है। बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे कहते हैं

जश्न क्यों न हो...सरकार ने टैक्स प्रक्रिया के रिफॉर्म के लिए बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फ़ैसला किया है।

सहस्रबुद्धे आगे कहते हैं,

ये उनकी विचारधारा की संकीर्णता है जिसकी वजह से कुछ पार्टियां कार्यक्रम से दूरी रह रही हैं। कांग्रेस भी GST बिल लाई थी लेकिन कांग्रेस को ये समझना चाहिए कि उनका प्रयास क्यों असफल हुआ और हमारा प्रयास सफल हुआ।

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राष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने वाली जेडीयू के आला नेता भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। सूत्र बता रहे हैं कि नीतीश कुमार, शरद यादव, केसी त्यागी कार्यक्रम में नहीं जाएंगे। सांकेतिक उपस्थिति के तौर पर बिहार सरकार का कोई एक मंत्री इसमें शरीक होगा। हालांकि इस ख़बर पर बीजेपी नेता ज़्यादा कुछ बोलने को तैयार नहीं और इसके पीछे बीजेपी की राजनैतिक मजबूरी है।


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