राजनीति

केरल में BJP की 'जन रक्षा यात्रा', CPM की सरकार रहेगी निशाने पर

राघवेन्द्र द्विवेदी, संवाददाता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 2 , 2017 , 15:57 IST | नई दिल्ली

बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री केरल में पदयात्रा करेंगे। 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाली इस पदयात्रा को "जन रक्षा यात्रा" का नाम दिया गया है। बीजेपी केरल में सीपीएम के ख़िलाफ़ माहौल बनाने में जुटी है और यात्रा का आयोजन भी उसी कड़ी का एक हिस्सा है। 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक बीजेपी के तमाम आला नेता और बड़े मंत्री केरल में कवायद करते दिखेंगे।

अमित शाह कन्नूड़ से करेंगे पदयात्रा की शुरुआत

पार्टी अध्यक्ष अमित शाह 3 अक्टूबर को केरल के कन्नूर ज़िले से पदयात्रा की शुरुआत करेंगे जो 17 अक्टूबर को तिरुवनंतपुरम में ख़त्म होगी। इस दौरान बीजेपी के कई बड़े नेता और केंद्रीय मंत्री इस यात्रा में अलग अलग जगहों पर जुड़ेंगे। बीजेपी का आरोप है कि सीपीएम हताशा में उसके कार्यकर्ताओं और संघ परिवार से जुड़े लोगों की हत्या करवा कर हिंसक राजनीति कर रही है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि "पिछले चुनाव में बीजेपी को 15 फीसदी वोट मिला था अगले चुनाव में 30 फीसदी वोट मिलेगा इसी बात से सीपीएम बौखला गई है और खूनी खेल को खेल रही है.. बीजेपी डरेगी नहीं झुकेगी नहीं लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई लड़ती रहेगी.. इसीलिए जन रक्षा यात्रा निकाली जा रही है।

Amit sah

सीपीएम सरकार रहेगी निशाने पर

अमित शाह 3 और 5 अक्टूबर को यात्रा में शामिल होंगे। उनके अलावा केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, गिरिराज सिंह, प्रकाश जावड़ेकर समेत कई मंत्रियों का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। कुछ का जल्द तय किया जाएगा। पैदल यात्रा के अलावा वाहनों के ज़रिए भी नेता यात्रा करेंगे। सड़क के किनारे छोटी छोटी सभाओं का भी आयोजन किया जाएगा। बीजेपी का कहना है कि पूरे केरल में सीपीएम बीजेपी और संघ के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है लेकिन सबसे ज़्यादा हिंसा मुख्यमंत्री के गृहज़िले कन्नूर में हुई है। लिहाजा उनको जवाब देना होगा। जावड़ेकर आगे कहते हैं कि "यात्रा सीपीएम को कटघरे में खड़ा करने और उनसे जवाब देने के लिए की जा रही है.. सीपीएम को जवाब देना होगा।

भविष्य में बीजेपी केरल में देख रही संभावनाएं

पिछले चुनाव में बीजेपी केरल में भले ही ज़्यादा सीटें न जीत पाई हो लेकिन उनका वोट प्रतिशत काफी बढ़ा था। इसी से उत्साहित होकर बीजेपी केरल में भविष्य की संभावनाएं देख रही है। हाल ही में मोदी मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल में केरल के एल्फ़ोन्स कन्नथनम को केंद्र में मंत्री बना कर पार्टी ने संकेत दे दिया था कि केरल उसकी प्राथमिकता में है। और अब पदयात्रा कर पार्टी वामपंथियों के गढ़ में उसे सड़क पर चुनौती देगी।

जिस तरह पश्चिम बंगाल में बीजेपी ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोले हुए है उसी तरह अब केरल में लेफ़्ट के ख़िलाफ़ माहौल बनाने की कोशिश में जुटी है। बीजेपी कितना सफल होगी ये तो वक़्त बताएगा लेकिन वो अपनी कोशिशों में कोई कोताही करना नहीं चाहती।

 


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