राजनीति

कर्नाटक में लिंगायत समुदाय ने कांग्रेस को वोट क्यों नहीं दिया? बीजेपी ने ऐसे मारी बाजी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 15 , 2018 , 17:57 IST

कर्नाटक को हारने के साथ ही कांग्रेस ने अपना एक और राज्य बीजेपी के हाथों गंवा दिया है। कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार ने चुनाव से पहले लिंगायत समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा देने का प्रस्ताव पारित किया था। माना जा रहा था कि इससे बीजेपी का परंपरागत वोटर कहे जाने वाले लिंगायतों का बड़ा हिस्सा कांग्रेस के साथ जा सकता है। ऐसे में यह बीजेपी के लिए बड़ा नुकसान होगा, लेकिन नतीजे आए तो पूरी थ्योरी पलट गई।

लिंगायत तो बीजेपी के साथ दिखे ही अन्य समुदायों का वोट भी बीजेपी को खूब मिला। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो लिंगायतों में कांग्रेस के सेंध न लगा पाने की बड़ी वजह यह रही कि आम लिंगायत लोगों को लगता था कि इससे उन्हें सीधे तौर पर कोई फायदा नहीं होगा।

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कर्नाटक की राजनीति के जानकारों के मुताबिक अल्पसंख्यक दर्जा दिए जाने का फायदा सीधे तौर पर लिंगायत समुदाय से जुड़े ट्रस्टों को होता। इससे उन्हें अपने संस्थानों के संचालन में काफी हद तक स्वायत्ता मिल सकती थी, लेकिन आम लोग इसे बड़े फायदे के तौर पर नहीं देख रहे थे।

ऐसे में उन्हें बड़ा फायदा अपने समुदाय के सीएम कैंडिडेट येदियुरप्पा को जिताने में लगा। इसके अलावा कांग्रेस के इस कार्ड से लिंगायत तो साथ आए नहीं, इसके उलट अन्य हिंदू समुदायों ने इसे बंटवारे की राजनीति के तौर पर देखा। बीजेपी इस एंगल से सूबे में प्रचार भी कर रही थी कि यह हिंदू समाज को बांटने की साजिश है। माना जा रहा है कि बीजेपी के इस प्रचार का लोगों में असर हुआ और उसे बड़े पैमाने पर समर्थन हासिल हुआ।


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