लाइफस्टाइल

Cake पर लगी कैंडल्स बुझाना बंद कर दीजिए वरना हो जाएंगे बीमार

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 1 , 2017 , 18:39 IST | नई दिल्ली

केक काटने का रिवाज अब के समय में सभी जगह आम हो गया है। कई फंक्शन जैसे- बर्थडे, वेडिंग एनीवर्सरी आदि में काटे जाते है। इस विदेशी रिवाज़ का अब हिन्दुस्तान में भी काफी चलन है। हम केक के ऊपर मोमबत्ती जलाते है और उसे बुझाकर केक काटते है। पर क्या आपको पता है कि मोमबत्ती बुझाना आपके शरीर को कितना हानि पहुंचा रहा है। हालही में हुए रिसर्च में हुए खुलासे में ये बात सामने आई है। दरअसल, मोमबत्तियां बुझाने के लिए मारी गई फूंक से मुंह के बैक्टीरिया केक पर चले जाते हैं। जो बैक्टीरिया फैलाते है।

दक्षिण कैरोलिना में क्लेमसन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया है कि फूंक मारने पर लार में मौजूद बैक्टीरिया जब केक पर फैलते हैं, तो करीब 1,400 प्रतिशत बैक्टीरिया केक में बढ़ जाते हैं। डॉ. पॉल डावसन ने जिन्होंने अपने स्नातक छात्रों के समूह के साथ इस अध्ययन को किया था। उन्होंने कहा कि इस भयंकर निष्कर्ष ने उन्हें खाद्य सुरक्षा के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि अपनी बेटी के साथ बात-चीत करने के दौरान उन्हें इसका आइडिया आया।

प्रयोग के दौरान टीम ने पाया कि जब कोई कैंडिल्स बुझाने के लिए फूंक मारता है, तो केक की आईसिंग पर बैक्टीरिया की ग्रोथ काफी बढ़ जाती है। कुछ लोग दूसरों की तुलना में अधिक बैक्टीरिया फैलाते हैं। डावसन ने कहा कि मुंह में कई तरह के बैक्टीरिया होते हैं और उनमें से अधिकांश हानिकारक नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कैंडिल बुझाने वाला बीमार दिख रहा है, तो वह केक नहीं खाएंगे। हालांकि, बाकी मामलों में उसे खा सकते हैं।


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