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पतंजलि के साबुन विज्ञापन पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने लगाई रोक, जानें वजह

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 5 , 2017 , 17:52 IST | नई दिल्ली

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद के साबुन टीवी विज्ञापन पर रोक लगा दी है। यह रोक हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) की मांग पर लगाई गयी है दरअसल हिंदुस्तान यूनिलीवर ने विज्ञापन पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा था कि इसमें उसके साबुन ब्रैंड्स को टारगेट किया जा रहा है। हाई कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक ऐड पर रोक लगाई जाए। कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 18 सितंबर को करेगा। आपको बता दें कि अभी तक पतंजलि आयुर्वेद की ओर से कोई भी बयान जारी नहीं हुआ है।

टॉयलेट सोप के 15 हजार करोड़ के मार्किट पर HUL का आधा कब्जा है। हिंदुस्तान युनिलीवर के प्रवक्ता ने कहा, 'हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने पतंजलि के 'केमिकल बेस्ड सोप' वाले ऐड पर अलगी सुनवाई तक रोक लगा दी है। मामला कोर्ट में होने के कारण हम इस पर और कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।'

क्या है मामला ?

पतंजलि के ऐड में लक्स, पेयर्स, लाइफबॉय और डव का नाम लेकर अप्रत्यक्ष तरीके से उपभोक्ताओं को कहा है कि 'केमिकल बेस्ड साबुनों' का प्रयोग न करें और प्राकृतिक अपनाएं। पतंजलि का यह ऐड 2 सितंबर से प्रसारित किया जा रहा है। सोमवार को हिंदुस्तान यूनिलीवर ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

HUL के ब्रैंड लक्स पर अप्रत्यक्ष वार करते हुए पतंजलि के ऐड में लाइन है, 'फिल्मस्टार्स के केमिकल भरे साबुन न लगाओ।' बता दें कि लक्स के ऐड में सभी बड़े फिल्म सितारें आ चुके हैं। पेयर्स पर निशाना मारते हुए ऐड में लाइन है, 'टीयर्स बढ़ाए फीयर्स।' इसके अलावा लाइफबॉय के लिए लाइन है, 'लाइफजॉय न लाओ यार।


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