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एअर इंडिया की हिस्सेदारी बेचने पर लगी मुहर, 60 हजार करोड़ का है कर्ज

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 28 , 2017 , 20:12 IST | नई दिल्ली

केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि मंत्रिमंडल ने एयर इंडिया के विनिवेश को बुधवार को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। जेटली ने कहा है विनिवेश प्रक्रिया के तौर-तरीके तय करने के लिए वित्तमंत्री की अध्यक्षता में एक समूह गठित करने के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के प्रस्ताव को भी स्वीकार लिया गया है।

कैबिनेट की बैठक में सरकार ने 'महाराजा' में हिस्सेदार को बेचने का फैसला लिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पहले ही केंद्र से इसके विनिवेश को मंजूरी देने की सिफारिश की थी।

विनिवेश के लिए गठित किया जाएगा पैनल

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि इस प्रक्रिया को लागू करने के लिए एक पैनल बनाया जाएगा। एअर इंडिया लंबे वक्त से घाटे में चल रही है और उसका घाटा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में सरकार ने एयर इंडिया को उबारने के लिए यह कदम उठाया है।

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नीति आयोग ने भी एयर इंडिया के विनिवेश का दिया था सुझाव

बता दें कि कुछ दिन पहले नीति आयोग ने कई अंतरराष्ट्रीय उदाहरण देते हुए कहा था कि सरकार को एअर इंडिया के अपने सभी शेयर बेच देने चाहिए। उन्होंने ब्रिटिश एयरवेज, जापान एयरलाइंस और ऑस्ट्रियन एयर का उदाहरण दिया था। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कुछ दिन पहले एयर इंडिया में विनिवेश की वकालत की थी।

मनमोहन सरकार ने AI को दिया था 10 हजार करोड़ का बेलआउट पैकेज

तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने 2012 में एयर इंडिया के लिए 30,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की थी, जो कि दस साल के दौरान दिया जाएगा। इसी पैकेज के बूते एअर इंडिया परिचालन में बनी हुई है। फिलहाल एयरलाइन अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने का प्रयास कर रही है।

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कर्ज के पहाड़ तले दबी एअर इंडिया

एअर इंडिया पर है 60, 000 करोड़ का कर्ज

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