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HPCL की 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी ONGC, कैबिनेट ने दी मंजूरी

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| जुलाई 19 , 2017 , 20:45 IST | नयी दिल्ली

केंद्रीय कैबिनेट ने पब्लिक सेक्टर की ऑयल कंपनियों ओएनजीसी और एचपीसीएल के विलय को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। खबर है कि सरकार ने 30 हजार करोड़ रुपए में एचपीसीएल में अपनी हिस्सेदारी ओएनजीसी को बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। ओएनजीसी और एचपीसीएल की यह डील एक साल में पूरी होगी। बुधवार की शाम कैबिनेट की अहम बैठक हुई जिसमें ये फैसला लिया गया।

ओएनजीसी 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी: 

कैबिनेट की इस मंजूरी के बाद एचपीसीएल की 51 फीसदी हिस्सेदारी ओएनजीसी खरीदेगी। हालांकि इसके लिए उसे ओपन ऑफर नहीं लाना पड़ेगा।

ओएनजीसी की सब्सिडियरी बन जाएगी एसपीसीएल: 

इसका मतलब है कि एचपीसीएल मर्जर के बाद ओएनजीसी की सब्सिडियरी बन जाएगी और एक्विजिशन के बाद भी वह लिस्टेड कंपनी बनी रहेगी। दरअसल इसकी वजह यह है कि मर्जर के तहत एक सरकारी कंपनी का स्वामित्व एक अन्य सरकारी कंपनी को ट्रांसफर किया जा रहा है।

ओएनजीसी ने भेजा था अधिग्रहण प्रस्ताव: 

दरअसल इससे पहले ओएनजीसी ने एचपीसीएल को अधिग्रहण का प्रस्ताव भेजा था। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद इस बात की जानकारी दी थी। उन्होंने साफ किया कि ओएनजीसी का कोई और ऑयल कंपनी खरीदने का इरादा नहीं हैं।

विलय से दोनों कंपनियों को होगा फायदा: 

ओएनजीसी के चेयरमैन का कहना है कि इस डील को मंजूरी मिलने से दोनों कंपनियों को फायदा मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि ओएनसीजी- एचपीसीएल डील के लिए फंडिंग योजना तैयार है।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं

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