ख़ास रिपोर्ट

अंतरिक्ष से निगहबानी, Cartosat-2 आधे मीटर के दायरे में पहचान लेगा दुश्मन

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
108
| जून 26 , 2017 , 18:11 IST | नई दिल्ली

एक ओर जहां भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में बडी उपलब्यिां हासिल कर दुनिया में गौरव बढा रहा है तो वहीं इससे भारत की सैन्य शक्ति भी मजबूत हो रही है। अब सिर्फ धरती से ही नहीं बल्कि अंतरिक्ष से भी भारतीय सेना के दुश्मनों पर नजर रखी जा सकेगी। सेना धरती और आकाश में अपने दुश्मनों पर निगरानी रखने के लिए इसरो की 13 सेटलाइट का इस्तेमाल करेगी।

Cartosat 1

पृथ्वी से 1200 किमी की ऊंचाई पर स्थित

गौरतलब है कि हाल ही में इसरो ने कार्टोसेट सीरीज 2 लॉन्च किया गया। यह सेटेलाइट भी इन 13 सैटलाइट में शामिल है। ये 13 सेटेलाइट भारतीय बॉर्डर पर दुश्मनों पर कडी निगरानी रखेगी। रिमोट संचालित इन सेटेलाइट को पृथ्वी की कक्षा के करीब स्थापित किया है। ये सेटलाइट पृथ्वी की सतह से लगभग 200 से 1200 किलोमीटर की उंचाई पर लगाई गई हैं।

Cartosat 4

इंडियन नेवी भी इस सेटेलाइट से दुश्मनों पर रखेगी पैनी नजर

जैसे ही भारतीय सीमा पर दुश्मन की कोई हलचल होगी तो ये सेटलाइट तुरंत सेना को सूचित करेगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 712 किलो की कार्टोसेट-2 सेटेलाइट सेना को पृथ्वी की साफ तस्वीर देने में मदद करेगी। कार्टोसेट 2 के अलावा कार्टोसेट-1, रीसेट-1 और रीसेट-2 सेटलाइट से भी दुश्मनों की निगरानी करेगी। इन सेटलाइट से भारतीय जलसेना भी अपने दुश्मनों पर पैनी नजर रखेगी।

Cartosat 3

अंतरिक्ष में 500 किमी की ऊंचाई से करेगा फोटोग्राफी

रिपोर्ट के मुताबिक सुदूर संवेदी उपग्रह को कन्याकुमारी के नूरुल इस्लाम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बनाया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि 0.6 मीटर रिजोल्यूशन के साथ यह अंतरिक्ष में 500 किमी की ऊंचाई से वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर सकता है, जिसका कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है।

Isro

जानिए कैसे कार्टोसेट-2 सेना को पहुंचाएगी मदद

भारतीय सीमा में होने वाली हलचल को स्केन कर सेना को जल्द से जल्द सूचित करेगी

सेना को पृथ्वी की साफ तस्वीर देने में मदद करेगी

युद्धपोतों, पनडुब्बियों, विमानों से सही समय पर संपर्क साधेगी

एंटी-सैटेलाइट वीपन (ASAT) का इस्तेमाल कर दुश्मनों पर हमला करने की भी क्षमता रखता है

आंकड़ों को मानचित्र बनाने में

चीजों की पहचान करने

विकास परियोजनाओं की निगरानी करने

सैन्य नियोजन

 


कमेंट करें