नेशनल

CBI को एंट्रिक्स-देवास केस में पूर्व इसरो अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी मिली

icon कुलदीप सिंह | 0
230
| मई 1 , 2017 , 19:26 IST | नई दिल्ली

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत से कहा कि देवास-एंट्रिक्स सौदा मामले में उसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर सहित तीन पूर्व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुमति मिल गई है। सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार गोयल से कहा कि तीनों आरोपियों में नायर, इसरो के पूर्व निदेशक ए.भास्कर नारायण राव तथा एंट्रिक्स के पूर्व कार्यकारी निदेशक के.आर.श्रीधर मूर्ति शामिल हैं।

Antrixwebsite

अदालत ने मामले में दाखिल आरोप पत्र पर विचार करने के लिए एक जून की तारीख तय की है।

सीबीआई ने बीते साल 11 अगस्त को एक आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें उसने सौदे में सरकारी खजाने को 578 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप लगाया था।

यह सौदा निजी मल्टिमीडिया कंपनी देवास तथा इसरो की वाणिज्यिक शाखा एंट्रिक्स के बीच हुआ था।

मामले में अमेरिकी कंपनी फोर्ज एडवाइजर्स तथा देवास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रामचंद्र विश्वनाथन, देवास के तत्कालीन निदेशक एम.जी.चंद्रशेखर, बेंगलुरू के देवास मल्टीमीडिया एंड मूर्ति के तीन पूर्व निदेशकों के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया गया है।

सीबीआई ने उन पर अपने पदों का दुरुपयोग करते हुए लाभ कमाने के उद्देश्य से एक आपराधिक साजिश को अंजाम देने का आरोप लगाया है, जिसके कारण इसरो के एंट्रिक्स कॉरपोरेशन को नुकसान हुआ।

आरोपियों के खिलाफ 16 मार्च, 2015 को एक मामला दर्ज किया गया था।

एंट्रिक्स-देवास सौदे के कारण नायर को कार्यकाल पूरा होने से पहले इसरो का अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा था, क्योंकि जनवरी 2005 में जिस वक्त सौदा हुआ था, उस वक्त वह एंट्रिक्स गवर्निग काउंसिल के अध्यक्ष थे।

Ex-ISRO-chief


author
कुलदीप सिंह

Editorial Head- www.Khabarnwi.com Executive Editor - News World India. Follow me on twitter - @KuldeepSingBais

कमेंट करें