राजनीति

शिवसेना के बाद TDP देगी बीजेपी को झटका, चंद्रबाबू नायडू ने दिए रिश्ता तोड़ने के संकेत

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 27 , 2018 , 19:50 IST

देश के 8 राज्यों में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। हाल ही में शिवसेना ने बीजेपी को झटका देते हुए अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। अब तेलुगू देशम पार्टी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने NDA से नाता तोड़ने के संकेत दिए हैं। उन्होंने अलग होने की संभावनाओं के लिए बीजेपी को ही जिम्मेदार ठहराया है। 

राज्य के बीजेपी नेताओं द्वारा टीडीपी की आलोचनाओं पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए चंद्रबाबू ने कहा कि इन्हें कंट्रोल करना बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व की जिम्मेदारी है। इससे पहले शिवसेना ने कहा था कि बीजेपी सहयोगी दलों को महत्व नहीं दे रही है इसीलिए पार्टी ने अपनी भविष्य की अलग रणनीति तय कर ली है। शनिवार को चंद्रबाबू नायडू ने साफ कहा, 'हम बीजेपी के साथ मित्र धर्म निभा रहे हैं लेकिन अगर वह नहीं चाहती कि हम आगे से गठबंधन में रहें तो हम अपनी राह पर चलेंगे।' 


नायडू का बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले महीने से आंध्र प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इस बात की खूब चर्चा है कि क्या जगनमोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआर कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी से हाथ मिला सकती है? पिछले महीने वाईएसआर कांग्रेस के कई नेताओं ने बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी।दिसंबर के आखिरी हफ्ते में वाईएसआर कांग्रेस के सांसद वी विजयसाई रेड्डी ने पीएम मोदी से भी भेंट की थी। 


गौर करने वाली बात यह है कि विजयसाई के बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी अच्छे संबंध हैं। इसके बाद से ही आशंका जताई जा रही थी कि बीजेपी और टीडीपी के बीच संबंध अच्छे नहीं चल रहे हैं। अब चंद्रबाबू ने कहा है, 'गठबंधन धर्म के कारण हम अब तक शांत रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि अगर वे हमें नहीं चाहते तो हम उनसे 'नमस्कार' कर लेंगे और अपनी अलग राह पर चल पड़ेंगे। गौरतलब है कि टीडीपी केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार में सहयोगी दल है। उधर, बीजेपी राज्य में टीडीपी के साथ सत्ता में भागीदार है। 


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