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चीन का बड़ा आरोप, कहा- घुसपैठ छिपाने के लिए भारत भूटान का कर रहा इस्तेमाल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 3 , 2017 , 21:19 IST | बीजिंग

चीन ने सोमवार को कहा कि भारत अवैध तौर पर भारतीय जवानों के 'चीनी क्षेत्र' में घुसपैठ को 'छिपाने' के लिए भूटान का इस्तेमाल कर रहा है और इसके साथ ही उसने सैनिकों को तुरंत वापस बुलाने की मांग की। चीन ने कहा कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1980 की संधि को स्वीकार किया था, जिसमें चीन ने डोंगलांग पर दावा किया था। डोंगलांग चीन व भूटान के बीच विवादित क्षेत्र है।

Bhutan

चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर व अंतर्राष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों व चीनी क्षेत्र की अखंडता के खिलाफ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने नेहरू के तत्कालीन चीनी प्रधानमंत्री झोउ एनलाई को भेजे पत्रों का हवाला दिया।

डोकलाम पर चीन का स्टैंड अडिग

चीन और भारत ने डोंगलांग में अपने सैनिकों के बीच गतिरोध पर अपनी स्थिति से हटने से इनकार कर दिया है। डोंगलांग पर चीन अपना दावा करता है और भारत इसे चीन व भूटान के बीच विवादित क्षेत्र कहता है। इससे दोनों एशियाई देशों के बीच तनाव पैदा हो गया है। एक चीनी विशेषज्ञ ने कहा कि दोनों देशों के बीच युद्ध से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "भारतीय जवानों के चीनी क्षेत्र में अवैध घुसपैठ को छिपाने के क्रम में भारतीय पक्ष भूटान की संप्रभुता का उल्लंघन करना चाहता है, जो कि व्यर्थ है। चीन का कहना है कि भारत को भूटान व बीजिंग के बीच के विवाद में दखल नहीं देना चाहिए। हालांकि, भूटान ने विवादित डोंगलांग में चीन द्वारा सड़क बनाए जाने का विरोध किया है।

चीन ने भारत से कहा भूटान का न करें इस्तेमाल

उन्होंने कहा, "हमें भारत और भूटान के बीच सामान्य द्विपक्षीय संबंधों को लेकर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन भारतीय पक्ष के भूटान के बहाने चीनी क्षेत्र की सीमा उल्लंघन पर सख्त आपत्ति है। गेंग ने कहा, "भूटान को पहले पता नहीं था कि भारतीय जवानों ने डोकलाम इलाके में घुसपैठ की है, जो भारतीय पक्ष द्वारा किए गए दावे के अनुरूप नहीं है।"

 

 


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