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ड्रैगन की नई चाल, कहा- 'हिंदू राष्ट्रवाद' की वजह से भारत-चीन के बीच हो सकता है युद्ध

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 20 , 2017 , 13:38 IST | नयी दिल्ली

भारत और चीन के बीच जारी विवाद के बीच चीन की मीडिया ने एक बार फिर भड़काऊ बयान दिया है। चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि हिंदू राष्ट्रवाद की वजह से भारत की चीन नीति प्रभावित हुई है। ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि हिंदू राष्ट्रवाद की वजह से ही दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति पैदा हो सकती है। अखबार ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस स्थिति से भारत के हित खतरे में पड़ सकते हैं।

ग्लोबल टाइम्स ने सिक्किम बॉर्डर विवाद पर लिखा है कि नई दिल्ली चीन की ताकत से बेहद कमजोर है लेकिन कहीं न कहीं भारतीय राजनीति इस बात को समझ नहीं पा रही है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह बात याद दिलाई गई कि जब से वह सत्ता में आए हैं, उनकी सरकार मुस्लिमों के खिलाफ लगातार जारी हिंसा को रोकने में अक्षम है। इस लेख में कहा गया है कि इस पूरे विवाद को जान-बूझकर हवा दी गई है ताकि हिन्दू राष्ट्रवाद की भावना को बढ़ाया जा सके। पीएम मोदी ने हिन्दू राष्ट्रवाद के सहारे ही सत्ता हासिल की और अब वो इसे चीन और पाकिस्तान के खिलाफ अपनी रणनीति के रूप में दुनिया के समक्ष पेश करना चाहते हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुने जाने से भारत की राष्ट्रीय भावनाओं को बल मिला है। पीएम ने इसी का फायदा उठाया है। जहां एक तरफ इससे देश पर नियंत्रण करने में उन्हें आसानी हुई है वहीं दूसरी तरफ भारत के विकास पर असर पड़ रहा है।

चीनी मीडिया के मुताबिक, चीन और पाकिस्तान के मामले में भारत की कूटनीतिक विदेश नीति खुद को मजबूती से आगे रखना है। लेख के मुताबिक, इस समय चीन को निशाना बनाना देश की धार्मिक भावनाओं और राष्ट्रीयता को बढ़ावा देता है। इसके साथ ही इसमें कहा गया कि मुसलमानों को टार्गेट करना इस नीति का एक अहम हिस्सा है।

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यह लेख कहता है कि मोदी सरकार इस तरह की धार्मिक राष्ट्रीयता की आड़ में मुसलमानों पर होने वाले हमलों को रोकने में नाकाम हैं। यह बात मोदी सरकार के सत्ता में आते ही साफ हो गई है। कुछ लोग भारत को 1962 में मिली शिकस्त को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि भारत इस तरह के कदम उठा रहा है। इसके साथ ही चीन के विकास को भी भारत हजम नहीं कर पा रहा है। चीन जितना ज्यादा विकास करता है भारत उतना अधिक घबरा जाता है।

लेख में यह भी कहा गया है कि भारत को ऐसा लगता है कि चीन उसे घेरना चाह रहा है। भारत बार-बार इस बात को बढ़ा-चढ़ा कर बता रहा है। जबकि चीन अपने सभी विकास कार्यों में भारत को न्योता देना चाहता है। चीन बार-बार भारत को उसे जानबूझ कर निशाने पर लेने की बात कर रहा है। भारत ने डोकलाम में चीनी सेना को सड़क बनाने से रोका है। चीन कहता है यह उसका इलाका है जबकि यहां भारत किसी भी तरह से पीछे नहीं हटना चाहता।


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