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तिब्बत में चीन ने भेजा हजारों टन मिलिट्री साजोसामान, भारत पर बना दबाव

कुलदीप सिंह, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 19 , 2017 , 16:58 IST | तिब्बत

क्या भारत और चीन फिर से किसी बड़े युध्द के मुहाने पर खड़े हैं? चीन की ताजा सैनिक तैयारी से तो यही लग रहा है कि दोनो देशों के बीच तनाव कुछ अलग ही रंग लेता जा रहा है।

हालिया घटनाक्रम में चीन ने तिब्बत में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) तैनात की है। साथ ही वहां कई मिलिट्री व्हीकल्स और हजारों टन साजोसामान भी भेजा है। चीन के सरकारी मीडिया ने इस बात की जानकारी दी है। बता दें कि बीते 16 जून से सिक्किम सेक्टर में चीन के साथ भारत का लगातार बॉर्डर विवाद चल रहा है। हाल ही में चीन ने तिब्बत में 11 घंटे तक लाइव फाइरिंग ड्रिल की थी। 

शिनजियांग पर नज़र रखने के लिए तैनात की सेना

'PLA डेली' के मुताबिक, "तिब्बत और शिनजियांग में काफी अशांति है। यहां पर नजर रखने के लिए ही चीन ने क्युनलुन पर्वत पर आर्मी तैनात की है।"


रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने ये कार्रवाई पिछले महीने की है और सड़क-ट्रेन के जरिए वहां साजोसामान पहुंचाया गया।

सोमवार को तिब्बत में चीनी आर्मी ने मिलिट्री एक्सरसाइज की और लाइव फायरिंग की। सिक्किम के जिस इलाके में (डोकलाम) भारत-चीन के बीच बॉर्डर विवाद चल रहा है, वो तिब्बत से ज्यादा दूर नहीं है। हालांकि रिपोर्ट में ये नहीं बताया गया कि आर्मी और साजोसामान की तैनाती किसी एक्सरसाइज या फिर किसी और मकसद से की गई।

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भारत पर दबाव बनाने के लिए तिब्बत में आई चीनी सेना

शंघाई के एक मिलिट्री एक्सपर्ट नी लेक्सिऑन्ग के मुताबिक, "ऐसा लगता है कि चीन के ये कदम बॉर्डर विवाद के चलते ही है। चीन चाहता है कि भारत पूरे मसले पर बात करे। चीन डिप्लोमैटिक चर्चा को अपनी मिलिट्री एक्सरसाइज से और मजबूत भी करना चाहता है।"
बीजिंग के एक्सपर्ट झोऊ चेनमिंग के मुताबिक, "पीएलए, भारतीय सेना को अपनी ताकत दिखाना चाहती है।"
शंघाई इंस्टीट्यूट्स फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के वांग देहुआ के मुताबिक, "चीन, तिब्बत में भारी तादाद में ट्रूप्स और साजोसामान का डिप्लॉयमेंट कर बताना चाहता है कि वह वेस्टर्न पावर्स को आसानी से रोक सकता है।"

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क्या है PLA की तिब्बत कमांड?
पीएलए की तिब्बत कमांड भारत-चीन बॉर्डर पर LAC (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) समेत माउंटेनस तिब्बत रीजन को जोड़ने वाले कई सेक्शंस में तैनात है। 

 CCTV की रिपोर्ट के मुताबिक तिब्बत कमांड की ये ब्रिगेड लंबे वक्त तक ब्रह्मपुत्र नदी (चीन में यारलुंग जांगबो नाम) के पास मध्य और निचले क्षेत्रों में तैनात रही है। ब्रह्मपुत्र भारत और बांग्लादेश में बहती है, इसके पानी को लेकर अक्सर विवाद होता रहता है।


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