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चीन ने समुद्र में उतारा सबसे शक्तिशाली युद्धपोत, 10 हजार टन है वजन

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 28 , 2017 , 18:25 IST | बीजिंग

चीन अब समुद्र में भी विश्व की महाशक्ति बन गया है। इसके लिए वो बड़े पैमाने पर अपनी नौसेनिक क्षमता को बढ़ा रहा है। अब उसने नई पीढ़ी के 10 हजार टन वजनी विध्वंशक युद्धपोत को लांच किया है। घरेलू डिजाइन पर आधारित यह युद्धपोत शंघाई के जियांगन शिपयार्ड समूह में बनाया गया है।

10 हजार टन वजनी है यह मिसाइल डिस्ट्रायर

स्‍वदेशी निर्मित मिसाइल डिस्‍ट्रॉयर को चीन की नौसेना में शामिल किया गया है। टाइप 055 क्‍लास का यह गाइडेड मिसाइल डिस्‍ट्रॉयर दस हजार टन वजनी है और इस पोत को शंघाई में समुद्र में उतारा गया। चीनी मीडिया के मुताबिक यह पोत चीन की नौसेना के लिए काफी अहम साबित होगा।

इन मिसाइलों से लैस है यह युद्धपोत

जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल

क्रूज मिसाइल

एंटी शिप क्रुज मिसाइल

एंटी सबमरीन मिसाइल

एक नजर चीन की सैन्य ताकत पर

साल 2030 तक चीनी नौसैनिक बेड़े में करीब 415 युद्धपोत होंगे

जबकि अमेरिका पास केवल 309 युद्धपोत होंगे

उस वक्‍त चीन की नौसेना के पास 99 पनडुब्बियां

चीन के पास चार विमानवाहक युद्धपोत

102 विध्वंसक युद्धपोत

26 वाहक पोत

73 दोहरे उपयोग के पोत

111 मिसाइलों से लैस युद्धपोत होंगे

पाकिस्‍तान के लिए भी पनडुब्‍बी बना रहा चीन

गौरतलब है कि चीन अपने लिए ही नहीं बल्कि पाकिस्‍तान के लिए भी पनडुब्बियां तैयार कर रहा है। हालांकि पाकिस्‍तान के लिए पनडुब्बियों को बेचना उसके आर्थिक कॉरिडोर का ही एक हिस्‍सा है।

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यहां पर ध्‍यान रखने वाली बात यह भी है कि अमेरिका की एक मैगजीन ने वर्ष 2030 में विश्‍व की जिन सबसे ताकतवर नौसेनाओं का जिक्र किया है उसमें चीन भी शामिल है। चीन के अलावा इसमें भारत, अमेरिका और ब्रिटेन भी शामिल है। इसका आधार उस वक्‍त किसी देश के पास मौजूद विमानवाहक युद्धपोत और बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस पनडुब्बियां होंगी।

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2030 तक भारत के पास होंगे इतने युद्धपोत

वर्ष 2030 तक भारत की नौसेना दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी नौसेना होगी और उसके पास तीन विमानवाहक युद्धपोत होंगे। इनमें विक्रमादित्य, विक्रांत और विशाल का नाम शामिल है। इनके अलावा भारतीय नौसेना में कम से कम नौ विध्वंसक युद्धपोत भी होंगे, जिनमें से दो युद्धपोत गाइडिड मिसाइल से लैस कोलकाता वर्ग के, तीन दिल्ली वर्ग के और चार विशाखापत्तनम वर्ग के होंगे। इनका निर्माणकार्य फिलहाल चल भी रहा है। इसके अलावा भारतीय नौसेना की ताकत बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस पहली अरिहन्त पनडुब्‍बी के आने से और भी बढ़ गई है। वर्ष 2030 तक भारत के पास छह पनडुब्बियों का एक शक्तिशाली बेड़ा होगा।


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